विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से टकराया पक्षी; जांच के बाद रवाना हुआ विमान
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। सिंगापुर से विजयवाड़ा पहुंची एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान लैंडिंग के दौरान पक्षी से टकरा गई। घटना के बाद विमान को तुरंत जांच के लिए रोका गया और सुरक्षा मानकों के तहत विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। जांच पूरी होने के बाद विमान को दोबारा परिचालन की अनुमति दे दी गई और उड़ान सुरक्षित रूप से रवाना हो गई।
लैंडिंग के दौरान हुआ बर्ड हिट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की यह उड़ान सिंगापुर से विजयवाड़ा आ रही थी। विमान जैसे ही विजयवाड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर रहा था, उसी दौरान एक पक्षी उससे टकरा गया। एविएशन सेक्टर में ऐसी घटनाओं को 'बर्ड हिट' या 'बर्ड स्ट्राइक' कहा जाता है। कई बार यह मामूली साबित होती हैं, लेकिन कुछ मामलों में इंजन या विमान के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है। यही वजह है कि ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाता है।
तकनीकी टीम ने की गहन जांच
घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम सक्रिय हो गई। विमान की विस्तृत जांच की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी हिस्से को नुकसान नहीं पहुंचा है। विजयवाड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जनसंपर्क अधिकारी श्रीहरि के अनुसार, सभी अनिवार्य सुरक्षा जांच और तकनीकी मूल्यांकन पूरा किया गया। निरीक्षण के दौरान कोई गंभीर तकनीकी खामी सामने नहीं आई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने विमान को परिचालन मंजूरी दे दी।
करीब एक घंटे प्रभावित रहा शेड्यूल
इस पूरी प्रक्रिया के कारण उड़ान संचालन पर कुछ समय के लिए असर पड़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक विमान की अगली उड़ान लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही। हालांकि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को तभी रवाना किया गया जब सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि हो गई। फिलहाल विमान में सवार यात्रियों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
क्यों अहम होती हैं बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं?
हवाई सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पक्षियों से टकराने की घटनाएं दुनिया भर के एयरपोर्ट्स पर समय-समय पर होती रहती हैं। खासकर टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान विमान अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर होता है, इसलिए जोखिम बढ़ जाता है। यही कारण है कि एयरपोर्ट प्रबंधन नियमित रूप से बर्ड कंट्रोल और वन्यजीव प्रबंधन कार्यक्रम चलाते हैं। ऐसे मामलों में हर विमान की विस्तृत तकनीकी जांच अनिवार्य होती है ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।