राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम रघुवंशी की जमानत प

सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, क्या अगली सुनवाई में बदल जाएगा पूरा मामला?

Sonam Raghuvanshi Bail High Court Hearing

राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत अब सुप्रीम कोर्ट की कड़ी निगरानी में पहुंच गई है। मेघालय पुलिस की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सोनम को नोटिस जारी कर पूछा कि उनकी जमानत क्यों न रद्द कर दी जाए। हालांकि फिलहाल कोर्ट ने उनकी रिहाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि सोनम पहले ही जेल से बाहर आ चुकी हैं, इसलिए इस चरण पर उनकी जमानत तत्काल रोकना उचित नहीं होगा। अब मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी। तब तक सोनम शिलॉन्ग में जमानत की शर्तों के साथ रहेंगी।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

मेघालय पुलिस ने हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसके तहत सोनम रघुवंशी को जमानत मिली थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने नोटिस जारी करते हुए सोनम से जवाब मांगा कि उनकी जमानत क्यों न रद्द कर दी जाए। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही लिया जाएगा।

सरकार ने गंभीर आरोपों का दिया हवाला

मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सोनम पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। उनका कहना था कि पहले भी उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं और मामला केवल गिरफ्तारी के दौरान हुई तकनीकी या क्लेरिकल गलती तक सीमित नहीं है। सरकार ने यह आशंका भी जताई कि यदि वह जमानत पर बाहर रहीं तो उनके फरार होने की संभावना बनी रह सकती है।

बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सोनम रघुवंशी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि गिरफ्तारी के समय उन्हें न तो कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई और न ही गिरफ्तारी के स्पष्ट आधार बताए गए। उनका दावा था कि पुलिस ने केवल एक खाली प्रोफॉर्मा सौंपा था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि यदि यह मुद्दा इतना महत्वपूर्ण था तो इसे पहले अदालत के सामने क्यों नहीं रखा गया। अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि यदि जमानत तकनीकी आधार पर मिली है तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी से रोकता है।

फिलहाल राहत बरकरार लेकिन सुनवाई अहम

बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में अब किसी तरह की बरामदगी बाकी नहीं है और सोनम पर पहले से कड़ी शर्तें लागू हैं। उनका कहना था कि वह शिलॉन्ग में रह रही हैं, इसलिए सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका भी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह आरोपी के अधिकारों और जांच एजेंसी की चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। अदालत ने यह भी दोहराया कि कानून के अनुसार जमानत सामान्य नियम है और जेल अपवाद, लेकिन मेघालय सरकार की जमानत रद्द करने की मांग पर अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा।