चमोली में बीआरओ कर्मियों की तलाश जारी, बचाव दल ने तेज किया अभियान
Uttarakhand Avalanche : उत्तराखंड के चमोली जिले में 5 बीआरओ कर्मियों की तलाश और बचाव अभियान फिर से शुरू हो गया है। 28 फरवरी से माणा के हिमस्खलन में फंसे हुए बीआरओ कर्मी अभी भी लापता हैं। 50 बीआरओ कर्मियों को बचाया गया है, जिनमें से 4 की मौत हो गई है। 5 अभी भी लापता हैं।
उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली में भारत-चीन सीमा के पास माणा गांव में आए भीषण हिमस्खलन ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। शुक्रवार को हुए इस हादसे के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। अब तक 50 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 4 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। अभी भी 5 मजदूर लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं।
6 राज्यों के मजदूर फंसे
हिमस्खलन की चपेट में आए मजदूरों में बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के लोग शामिल हैं। इनमें से:
बिहार - 11 मजदूर
उत्तर प्रदेश - 11 मजदूर
उत्तराखंड - 11 मजदूर
हिमाचल प्रदेश - 7 मजदूर
जम्मू-कश्मीर - 1 मजदूर
पंजाब - 1 मजदूर
सेना और प्रशासन का राहत अभियान तेज
हिमस्खलन की सूचना मिलते ही सेना, ITBP, BRO, SDRF और NDRF की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। करीब 200 से ज्यादा जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। मदद के लिए 4 हेलिकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि अब तक 50 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 5 की तलाश जारी है।