श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में ही सुरक्षित रखी है सोने से मढ़ी रामचरितमानस
मधुकर चतुर्वेदी
पूर्व केंद्रीय गृह सचिव लक्ष्मी नारायण के रामचरितमानस गायब होने के आरोप निकले निराधार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पूर्व केंद्रीय गृह सचिव एवं पूर्व आईएएस अधिकारी लक्ष्मी नारायण ने शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि पांच करोड़ रुपए मूल्य की सोने से मढ़ी रामचरितमानस मंदिर से गायब हो गई है। रविवार को उनके इन दावों की उस समय हवा निकल गई, जब उन्हीं की भेंट की गई सोने से मढ़ी रामचरितमानस के श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षित रखे होने के फोटो सामने आ गए। शनिवार रात मंदिर में रखी सोने से मढ़ी रामचरितमानस के फोटो स्वदेश को प्राप्त हुए।
शनिवार को एक चैनल को दिए साक्षात्कार में पूर्व आईएएस अधिकारी लक्ष्मी नारायण ने दावा किया कि वर्ष 2024 में उन्होंने ट्रस्ट को करीब पांच करोड़ रुपए मूल्य की सोने से मढ़ी रामचरितमानस भेंट की थी, लेकिन अब तक उसकी रसीद नहीं दी गई है। उनका आरोप था कि कुछ महीने बाद वह रामचरितमानस मंदिर परिसर से गायब हो गई। लक्ष्मी नारायण के अनुसार, उन्होंने 8 अप्रैल 2024 को यह रामचरितमानस श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी थी। इस ग्रंथ के करीब 1000 पन्नों पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ी हुई थी। उन्होंने ट्रस्ट पदाधिकारियों से कहा था कि ग्रंथ को मंदिर में रखा जाए, लेकिन उन्हें ट्रस्ट की ओर से जवाब मिला कि अन्य भी कई भेंट आती हैं, इसलिए सभी का प्रदर्शन संभव नहीं है।
भेंट करते समय ही बता दिया था कि रामचरितमानस का स्थायी प्रदर्शन नहीं होगा
बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने बताया कि जब पूर्व आईएएस अधिकारी लक्ष्मी नारायण ने सोने से मढ़ी रामचरितमानस ट्रस्ट को भेंट की थी, तभी उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया गया था कि वर्ष 2024 की नवरात्रि में आठ दिनों तक गर्भगृह के बाहर इसे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा जाएगा। इसके बाद इसे गर्भगृह के भीतर सुरक्षित रख दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आज भी वहीं सुरक्षित रखी हुई है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर लगा रहे हैं निराधार आरोप
पूर्व आईएएस अधिकारी लक्ष्मी नारायण ने यह भी आरोप लगाया था कि दोबारा अयोध्या जाकर चंपत राय से मिलने पर भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर प्रकाश शर्मा ने कहा कि लक्ष्मी नारायण झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने उस समय चंपत राय का आभार भी व्यक्त किया था, जिसकी व्हाट्सऐप चैट इस बात का प्रमाण है कि तब वह संतुष्ट थे। आज दो वर्ष बाद वे ऐसे आरोप क्यों लगा रहे हैं, यह समझ से परे है। प्रकाश शर्मा ने कहा कि आखिर इस परिस्थिति में अचानक लक्ष्मी नारायण को सामने लाकर कौन "बैटिंग" कराना चाह रहा है।
इनका कहना है
सोमवार को ट्रस्ट की बैठक से ठीक 36 घंटे पहले सोने से मढ़ी रामचरितमानस के गायब होने की चर्चा होना कोई सामान्य बात नहीं है। हिंदू समाज, इस आंदोलन की शुरुआत से लेकर मंदिर निर्माण तक जुड़े संतों, महानुभावों और रामभक्तों के प्रति अश्रद्धा पैदा करने के लिए लगातार नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसका नवीनतम उदाहरण स्वर्ण रंजित रामचरितमानस के गायब होने की मिथ्या सूचना है। क्रोनोलॉजी को समझने की आवश्यकता है। पहले काकभुशुण्डि, फिर धनुष, फिर चांदी का हार और अब यह मामला। मिथ्या सूचना फैलाने वाले मंदिर और हिंदू आस्था को धूमिल नहीं कर पाएंगे।प्रकाश शर्मा ने स्वदेश को श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षित रखी सोने से मढ़ी रामचरितमानस के फोटो उपलब्ध कराए और जानकारी दी कि रामचरितमानस आज भी मंदिर में पूरी तरह सुरक्षित रखी हुई है।