जन सुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उप

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर सबसे अमीर प्रत्याशी, हलफनामे में 198 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

Bankipur Election News

पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर की संपत्ति अब आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन गई है। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में अपनी और पत्नी की चल-अचल संपत्ति की जानकारी साझा की है। इस ब्योरे के अनुसार दोनों के पास करोड़ों रुपये की वित्तीय संपत्तियां, निवेश और जमीनें हैं।

प्रशांत किशोर ने हलफनामे में खुद को पॉलिटिकल एडवाइजर और कंसल्टेंट बताया है। उनकी संपत्ति का खुलासा ऐसे समय हुआ है जब बांकीपुर उपचुनाव में मुकाबला हाई प्रोफाइल बन चुका है और सभी प्रमुख उम्मीदवारों की राजनीतिक और व्यक्तिगत जानकारी पर नजर रखी जा रही है।

हलफनामे में सामने आई 198 करोड़ की संपत्ति

प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी के पास कुल मिलाकर 111 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति दर्ज है। इसमें प्रशांत किशोर की चल संपत्ति करीब 22.19 करोड़ रुपये है, जबकि उनकी पत्नी के नाम करीब 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति बताई गई है। इसके अलावा प्रशांत किशोर के नाम रोहतास जिले के शिवसागर में श्रीराम अल्ट्रा मॉडर्न राइस मिल की जमीन भी दर्ज है। इसकी बाजार कीमत करीब 9.75 करोड़ रुपये बताई गई है। हलफनामे में दिल्ली, पटना और गुवाहाटी समेत कई जगहों पर आवासीय संपत्तियों का भी उल्लेख किया गया है।

पत्नी के निवेश और कंपनी हिस्सेदारी का भी ब्योरा

हलफनामे के अनुसार प्रशांत किशोर की आय के स्रोतों में व्यवसाय, पेशा, बैंक ब्याज और डिविडेंड शामिल हैं। उनकी पत्नी डॉक्टर हैं और नई दिल्ली स्थित अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल में सीनियर एडवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। प्रशांत किशोर ने यह भी बताया है कि वेधा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड में उनकी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी की ओर से वर्ष 2024-25 में जन सुराज पार्टी को 85 करोड़ रुपये और जन सुराज फाउंडेशन को 50 लाख रुपये का दान दिया गया था। इसके अलावा वर्ष 2023-24 में जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फाउंडेशन को 2.75 करोड़ रुपये दिए जाने की जानकारी भी हलफनामे में दर्ज है।

आठ मामलों का जिक्र लेकिन किसी में सजा नहीं

चुनावी हलफनामे में प्रशांत किशोर ने अपने खिलाफ दर्ज आठ मामलों की जानकारी भी दी है। इनमें पटना के गांधी मैदान थाना, सचिवालय थाना, पीरबहोर थाना और सहरसा सदर थाना समेत अन्य जगहों के मामले शामिल हैं। इन मामलों में गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी कार्य में बाधा, दंगा, हमला, आपराधिक साजिश और मानहानि जैसी धाराएं लगाई गई हैं। हालांकि हलफनामे के मुताबिक किसी भी मामले में अभी तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है और किसी में सजा भी नहीं हुई है।

बांकीपुर चुनाव में बढ़ा राजनीतिक मुकाबला

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की एंट्री ने मुकाबले को खास बना दिया है। चुनावी हलफनामे में सामने आई उनकी संपत्ति और राजनीतिक पृष्ठभूमि अब चर्चा का एक बड़ा मुद्दा बन गई है। प्रशांत किशोर लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम करते रहे हैं। अब वे खुद चुनावी मैदान में उतरकर जन सुराज के जरिए बिहार की राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।