प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम वीडियो

PM मोदी का छात्रों के नाम आधी रात वीडियो संदेश: पेपर लीक पर जल्द आएगा सख्त कानून, कैबिनेट करेगी फैसला

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात 12 बजे छात्रों के नाम 2 मिनट 56 सेकेंड का वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सरकार अब और सख्त कार्रवाई करेगी। इसके लिए नया कानून लाने की तैयारी है, जिसके मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट में चर्चा होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मंजूरी मिलने के बाद विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा और इसे जल्द पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।

'पेपर लीक लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा'

वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली घटना नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और छात्रों का साल खराब न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा दोबारा कराई गई। 19 जुलाई को उसका परिणाम भी घोषित किया गया।

फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान

प्रधानमंत्री ने बताया कि संबंधित विभागों ने देर रात उन्हें कानून का मसौदा भेजा है। इसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट, मामलों का त्वरित निपटारा और दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाएगी।

NEET पेपर लीक से जुड़ा है मामला

पूरा विवाद 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक से जुड़ा है। इस मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में कार्रवाई हुई है और अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी जल्द चार्जशीट दाखिल कर सकती है।

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। उच्च शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिवों की नियुक्तियों में बदलाव करते हुए नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

क्या है एंटी पेपर लीक कानून?

लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 देश का पहला केंद्रीय एंटी-पेपर लीक कानून है। यह 21 जून 2024 से लागू है। इसके तहत पेपर लीक के दोषियों को 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। संगठित गिरोह के मामलों में 5 से 10 साल की कैद और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। परीक्षा एजेंसियों की भूमिका दोषी पाए जाने पर उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।