1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा, किस कैटेगरी में कितनी बढ़ी फीस?
विदेश यात्रा या पढ़ाई की तैयारी कर रहे लोगों के लिए 1 जुलाई से खर्च बढ़ने वाला है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट शुल्क में संशोधन करते हुए नई दरें लागू करने का फैसला किया है। करीब 14 साल बाद हुई इस बढ़ोतरी का असर नए आवेदन करने वालों के साथ-साथ पासपोर्ट रिन्यू और रिप्लेसमेंट कराने वाले लोगों पर भी पड़ेगा।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, पासपोर्ट नियमों में संशोधन के बाद लगभग सभी प्रमुख श्रेणियों की फीस बढ़ा दी गई है। ऐसे में जुलाई के बाद आवेदन करने वालों को पहले की तुलना में ज्यादा रकम चुकानी होगी।
नॉर्मल और तत्काल दोनों सेवाएं हुईं महंगी
सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 36 पन्नों के पासपोर्ट की फीस में सीधे 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब सामान्य श्रेणी में पासपोर्ट बनवाने के लिए 2,500 रुपये देने होंगे। वहीं तत्काल सेवा का शुल्क बढ़कर 5,000 रुपये हो गया है। इससे उन लोगों का खर्च भी बढ़ेगा जिन्हें कम समय में पासपोर्ट की जरूरत पड़ती है।
अधिक यात्रा करने वालों पर भी असर
जो लोग लगातार विदेश यात्रा करते हैं और 60 पन्नों वाली पासपोर्ट बुकलेट का विकल्प चुनते हैं, उन्हें भी ज्यादा भुगतान करना होगा। इस श्रेणी में सामान्य आवेदन की फीस 3,500 रुपये और तत्काल सेवा की फीस 6,000 रुपये तय की गई है। बढ़ी हुई दरें बिजनेस ट्रैवलर्स और नियमित अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सीधे प्रभावित करेंगी।
खोया या डैमेज पासपोर्ट सबसे महंगा पड़ेगा
नई व्यवस्था में सबसे बड़ी बढ़ोतरी रिप्लेसमेंट पासपोर्ट पर देखने को मिली है। यदि पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है तो उसे दोबारा बनवाने के लिए पहले से कहीं अधिक शुल्क देना होगा। 36 पन्नों वाले पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए सामान्य प्रक्रिया में 5,000 रुपये और तत्काल सेवा में 7,500 रुपये खर्च होंगे। वहीं 60 पन्नों वाले पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट की फीस तत्काल श्रेणी में 8,500 रुपये तक पहुंच गई है।
बच्चों के पासपोर्ट पर भी बढ़ा बोझ
फीस संशोधन का असर नाबालिग आवेदकों पर भी पड़ेगा। यदि किसी बच्चे का पासपोर्ट खो जाता है या डैमेज हो जाता है तो उसके रिप्लेसमेंट के लिए सामान्य श्रेणी में 4,250 रुपये और तत्काल सेवा में 6,750 रुपये देने होंगे। इससे परिवारों का खर्च पहले की तुलना में बढ़ जाएगा।
क्या बदला और क्या नहीं
फीस में बढ़ोतरी के बावजूद पासपोर्ट की वैधता अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वयस्कों के पासपोर्ट पहले की तरह 10 साल तक वैध रहेंगे। वहीं नाबालिगों को जारी पासपोर्ट की वैधता 5 साल या 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक लागू रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संशोधन केवल शुल्क संरचना में किया गया है।
यात्रियों की जेब पर सीधा असर
पासपोर्ट शुल्क में हुई यह बढ़ोतरी ऐसे समय आई है जब विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए आवेदन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नए नियमों का असर लाखों आवेदकों की जेब पर दिखाई देगा, खासकर उन लोगों पर जिन्हें तत्काल सेवा या रिप्लेसमेंट पासपोर्ट की आवश्यकता पड़ती है।