महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी गांव स्थित हनु

महाराष्ट्र में बड़ा हादसा: परभणी के हनुमान मंदिर की छत गिरी, 7 की मौत; कई लोगों के दबे होने की आशंका

परभणी। महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। जिले के यशवाड़ी गांव स्थित एक निर्माणाधीन/विस्तारित हनुमान मंदिर में सभा मंडप की छत और एक खंभे का हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। प्रशासन को आशंका है कि कुछ लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।  घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन, पुलिस तथा बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए।

यशवाड़ी गांव के हनुमान मंदिर में हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार हादसा परभणी तालुका के यशवाड़ी गांव स्थित हनुमान मंदिर में हुआ। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के दौरान सभा मंडप का एक हिस्सा और सहारा देने वाला खंभा अचानक ढह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई लोग मलबे के नीचे दब गए।

तीन लोगों की मौत, कई घायल

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में 7 लोगों की जान चली गई, जबकि आठ से दस लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन का कहना है कि घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका

राहत एवं बचाव टीमों को आशंका है कि कुछ श्रद्धालु अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। इसी वजह से तलाशी अभियान लगातार जारी है। बचावकर्मी विशेष उपकरणों और मशीनों की मदद से मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जब तक पूरे परिसर की जांच पूरी नहीं हो जाती, अभियान जारी रहेगा।

कई एजेंसियां जुटीं राहत कार्य में

घटना के बाद पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत दल संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रहे हैं। राहत कार्यों के तहत मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। फंसे लोगों की तलाश के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तैनात की गई हैं। पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लिया गया है।

हादसे के कारणों की होगी जांच

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि हादसे के कारणों की जांच कराई जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि निर्माण कार्य, संरचनात्मक कमजोरी या अन्य किसी वजह से यह दुर्घटना हुई। फिलहाल प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्य को दी जा रही है ताकि किसी भी फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।