NIA Raid: मलप्पुरम अवैध विस्फोटक मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, तीन राज्यों के 19 ठिकानों पर छापेमारी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केरल के मलप्पुरम जिले में अवैध विस्फोटकों की बरामदगी से जुड़े मामले में शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 19 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी की यह कार्रवाई फरवरी 2026 में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के बाद दर्ज मामले की जांच के तहत की गई।
तीन राज्यों में एक साथ NIA की कार्रवाई
एनआईए द्वारा की गई छापेमारी आरोपियों के आवासों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, फर्मों और मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों पर केंद्रित रही। केरल के मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जिलों सहित तमिलनाडु और कर्नाटक के कई स्थानों पर जांच दलों ने दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की तलाश की। जांच एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य विस्फोटकों के अवैध परिवहन, भंडारण और संभावित उपयोग से जुड़े नेटवर्क की पहचान करना है।
मलप्पुरम में ट्रक से मिली थी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री
मामला फरवरी 2026 का है, जब मलप्पुरम जिले के चेम्मड क्षेत्र में प्याज से भरे एक ट्रक से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। जांच में सामने आया कि प्याज के बोरों के बीच छिपाकर विस्फोटक सामग्री ले जाई जा रही थी।
पुलिस को ट्रक से 10,500 से अधिक जिलेटिन की छड़ें, बड़ी संख्या में डेटोनेटर, विस्फोटक तार और अन्य सामग्री बरामद हुई थी। बताया गया कि लगभग 245 बक्सों में रखी गई यह सामग्री बेहद सुनियोजित तरीके से छिपाई गई थी।
खदान इकाई से जुड़े कनेक्शन की जांच
प्रारंभिक जांच में पता चला था कि ट्रक की मालकिन एक खदान (माइनिंग) इकाई से जुड़ी हुई थी। पुलिस ने मामले में महिला को हिरासत में लिया था और बाद में जांच का दायरा बढ़ने पर मामला NIA को सौंप दिया गया ।एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विस्फोटकों को केरल के बाहर से किस नेटवर्क के जरिए लाया गया और उनका अंतिम उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।
तिरुआरंगडी और वंडूर में भी तलाशी
एनआईए ने मलप्पुरम जिले के तिरुआरंगडी क्षेत्र स्थित एक गोदाम और वंडूर इलाके में ट्रक मालिक के परिवार से जुड़े स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने कई दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जांच के लिए जब्त की है।
एनआईए का मानना है कि मामला केवल अवैध परिवहन तक सीमित नहीं हो सकता। जांच एजेंसी विस्फोटकों की सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन, लाइसेंसिंग प्रक्रिया और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।