नासिक TCS BPO यूनिट में महिला कर्मचारियों से जुड़े

नासिक TCS BPO केस में 9 FIR, SIT जांच में कई गंभीर आरोप, जबरन नमाज, धर्मांतरण का 'टारगेट' और दरिंदगी

महाराष्ट्र के नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ यूनिट में महिला कर्मचारियों के साथ कथित उत्पीड़न के गंभीर मामले सामने आए हैं। इस केस में अब तक 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं और जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अन्य अभी फरार हैं। जांच में अब तक 12 पीड़िताओं की पहचान की गई है।

कार्यस्थल सुरक्षा पर गंभीर सवाल

यह मामला कॉरपोरेट सेक्टर में कार्यस्थल सुरक्षा और POSH (Prevention of Sexual Harassment) नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद शुरुआती स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति और गंभीर हुई।

9 FIR में कई गंभीर आरोप

अलग-अलग एफआईआर में छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न, जबरन धार्मिक गतिविधियों के लिए दबाव, और यौन शोषण जैसे आरोप शामिल हैं। आरोपों के अनुसार, यह घटनाएं 2022 से 2026 के बीच सामने आईं। पुलिस का कहना है कि सभी शिकायतों की जांच डिजिटल साक्ष्यों और आंतरिक रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही है।

SIT की कार्रवाई जारी

SIT इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आगे और तथ्य सामने आ सकते हैं। इस मामले में आसिफ अंसारी, दानिश, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्तर सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा POSH कमेटी से जुड़े एक मैनेजर की गिरफ्तारी भी हुई है। एक एचआर अधिकारी के फरार होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है।