केतन हत्याकांड में नया खुलासा, सिया के मोबाइल में राजा-सोनम समेत कस्टडी में पिटाई की सर्च हिस्ट्री
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में अब मोबाइल सर्च हिस्ट्री अहम सबूत बनकर सामने आई है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सिया गोयल ने कथित तौर पर वारदात से पहले इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की जानकारी इंटरनेट पर खोजी थी। जांच में यह भी सामने आया कि उसने पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ व्यवहार से जुड़े सवाल भी सर्च किए थे।
जांच एजेंसियों का कहना है कि सिया के दोनों मोबाइल फोन की जांच में यह जानकारी मिली है। इसी सिलसिले में पुलिस हाल ही में उसे उसके घर भी लेकर गई थी, जहां उसके बेडरूम से एक दूसरा मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस को घटना के दिन के कुछ प्रत्यक्षदर्शी भी मिले हैं, जिनके बयान जांच को मजबूत करने में अहम माने जा रहे हैं। फिलहाल सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में येरवदा जेल में हैं।
सर्च हिस्ट्री बनी जांच का अहम हिस्सा
पुलिस के मुताबिक मोबाइल की डिजिटल जांच में पता चला कि सिया गोयल ने केतन अग्रवाल की हत्या से पहले राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी खबरें पढ़ी थीं। इसके अलावा उसने यह भी सर्च किया था कि पुलिस कस्टडी में महिलाओं के साथ मारपीट होती है या नहीं। जांच एजेंसियां इन ऑनलाइन गतिविधियों को केस की परिस्थितिजन्य कड़ियों के रूप में परख रही हैं।
घर से मिला दूसरा मोबाइल और नए गवाह
जांच के दौरान पुलिस सिया को उसके घर लेकर गई, जहां से एक और मोबाइल फोन जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार घटना वाले दिन मौजूद कुछ चश्मदीद भी सामने आए हैं। पुलिस का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों के साथ इन गवाहों के बयान मामले की जांच को और मजबूत करेंगे।
परिवार ने वायरल वीडियो पर दी सफाई
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान वायरल हुए एक वीडियो में सिया के कथित आपत्तिजनक इशारे को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इस पर उसके पिता ने दावा किया कि वीडियो की गलत व्याख्या की गई। उनके अनुसार पुलिस वाहन का दरवाजा बंद होने से सिया की दो उंगलियों में चोट लगी थी और वह वही चोट दिखा रही थी, न कि कोई अश्लील इशारा कर रही थी। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी इस बात की पुष्टि कर सकते हैं।
हत्या के बाद सामान्य व्यवहार का दावा
पुलिस के अनुसार 19 जून को, घटना के अगले दिन, सिया केतन अग्रवाल के घर पहुंची और परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि केतन उन्हें ऊपर से देख रहा है और हिम्मत बनाए रखें। जांच में यह भी सामने आया कि 18 से 23 जून के बीच दोनों आरोपी सामान्य दिनचर्या में रहे और गिरफ्तारी के बाद भी उनके व्यवहार में पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं दिखे। पुलिस का यह भी दावा है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी एक ही मोबाइल में दो नंबर इस्तेमाल कर सिया से कोड वर्ड में बातचीत करता था।
19 दिन में कथित साजिश से वारदात तक
पुलिस जांच के अनुसार 31 मई को सिया के मन में कथित तौर पर हत्या की योजना बनी। 14 जून को लोहगढ़ किले पर पहली बार धक्का देने की कोशिश नाकाम रही, क्योंकि केतन पेड़ के सहारे बच गया। इसके बाद 18 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के बहाने उसे दोबारा किले पर बुलाया गया। पुलिस का आरोप है कि वहां सिया और चेतन ने मिलकर केतन को करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।