केतन अग्रवाल मर्डर केस:कसाब को फांसी दिलाने वाले उज्ज्वल निकम लड़ेंगे केस, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब कानूनी लड़ाई और तेज होती दिख रही है। महाराष्ट्र सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग भी स्वीकार कर ली गई है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब मामले की जांच लगातार नए पहलुओं तक पहुंच रही है। पुलिस पहले ही केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर चुकी है। अब परिवार को उम्मीद है कि मुकदमे की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ेगी और दोषियों के खिलाफ मजबूत पैरवी होगी।
पीड़ित परिवार की मांग पर सरकार का फैसला
केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और अनुभवी विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने दोनों मांगों पर सहमति जताते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। इस फैसले को मामले की न्यायिक प्रक्रिया में अहम कदम माना जा रहा है।
उज्ज्वल निकम का अनुभव क्यों अहम माना जा रहा है
उज्ज्वल निकम देश के चर्चित आपराधिक मामलों में सरकार की ओर से पैरवी कर चुके हैं। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी अजमल कसाब के खिलाफ भी उन्होंने विशेष लोक अभियोजक के रूप में मुकदमा लड़ा था। अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और कानूनी रणनीति को प्रभावी ढंग से अदालत के सामने रखने में उनकी भूमिका को व्यापक पहचान मिली थी। अब इसी अनुभव के साथ वे केतन अग्रवाल हत्याकांड में अभियोजन का पक्ष रखेंगे।
जांच में सामने आ रहे नए दावे
पुलिस जांच के दौरान अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि घटना से पहले दोनों की एक कैफे में मुलाकात हुई थी, जिसके सीसीटीवी फुटेज भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन तथ्यों की पुष्टि अन्य साक्ष्यों के साथ की जा रही है और जांच अभी जारी है।
हत्या के आरोप से लेकर अदालत तक की राह
पुलिस के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में विवाह प्रस्तावित था। आरोप है कि 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले पर घूमने के दौरान केतन को गहरी खाई में धक्का दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी पर हत्या की साजिश और हत्या के आरोपों की जांच चल रही है। अंतिम दोष या निर्दोष होने का निर्णय अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।