बिहार के झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 19

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला मेडल, बिहार के झंडू कुमार ने जीता ब्रॉन्ज, पीएम ने दी बधाई

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पदकों का खाता खुल गया है। बिहार के नालंदा निवासी पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। उन्होंने 190 किलोग्राम की सफल लिफ्ट के साथ 130.9 अंक हासिल किए और भारत को इन खेलों का पहला पदक दिलाया।

190 किलो की लिफ्ट से जीता ब्रॉन्ज

28 वर्षीय झंडू कुमार ने अपने पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाकर बर्मिंघम 2022 का गेम्स रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन ब्रॉन्ज मेडल जीतने के लिए पर्याप्त रहा। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर मेडल जीता।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

झंडू कुमार बचपन से पोलियो से प्रभावित हैं। परिवार की आर्थिक मदद के लिए उन्होंने पिता के साथ सब्जियां बेचीं और कोविड के दौरान ई-रिक्शा चलाकर रोजी-रोटी कमाई। वर्ष 2023 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने अपना ई-रिक्शा तक बेच दिया। वहीं उनकी प्रतिभा पर पैरालिंपिक पदक विजेता राजिंदर सिंह राहेलू की नजर पड़ी, जिसके बाद उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में प्रशिक्षण का अवसर मिला और उनका करियर नई दिशा में आगे बढ़ा।

अब पैरालिंपिक पर नजर

2017 में पैरा एथलेटिक्स से अपने खेल करियर की शुरुआत करने वाले झंडू कुमार ने बाद में पावरलिफ्टिंग को चुना। उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और वर्ल्ड कप व एशियन-ओशिनिया चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। अब उनकी नजर लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक पर है।

प्रधानमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर झंडू कुमार को बधाई देते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन अद्भुत ताकत, अटूट संकल्प और वर्षों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि झंडू की उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व की बात है और उनकी सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।