सरकार का टेलीग्राम पर सख्त एक्शन, 15 दिन में हटाने होंगे पायरेटेड फिल्म और वेब सीरीज वाले चैनल
केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर उपलब्ध पायरेटेड फिल्मों और वेब सीरीज के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कंपनी को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर ऐसे कंटेंट और उससे जुड़े चैनलों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय प्लेटफॉर्म को खुद सक्रिय निगरानी कर पायरेटेड सामग्री हटानी होगी।
15 दिन में देनी होगी कार्रवाई रिपोर्ट
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से भेजे गए नोटिस में टेलीग्राम को निर्देश दिया गया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट सामग्री के पायरेटेड संस्करण उपलब्ध कराने वाले चैनलों और ग्रुप्स को हटाए। साथ ही 15 दिनों के भीतर इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपे।
तीन दिन में मिला दूसरा नोटिस
यह तीन दिनों के भीतर टेलीग्राम को मिला दूसरा सरकारी नोटिस है। इससे पहले 2 जुलाई को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने प्लेटफॉर्म के यूजरनेम फीचर और यूजर प्राइवेसी से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा था।
शिकायत का इंतजार नहीं, खुद करना होगा एक्शन
सरकार ने टेलीग्राम से कहा है कि वह केवल शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की नीति न अपनाए। इसके बजाय ऐसा प्रभावी सिस्टम विकसित करे जिससे पायरेटेड कंटेंट को प्लेटफॉर्म पर अपलोड होने या फैलने से पहले ही रोका जा सके। सरकार का कहना है कि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले चैनलों, ग्रुप्स, बॉट्स, अकाउंट्स और उनके एडमिनिस्ट्रेटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
3000 से ज्यादा चैनलों पर पहले भी हो चुकी कार्रवाई
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी पायरेसी फैलाने वाले 3,000 से अधिक टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी कॉपीराइट उल्लंघन करने वाला कंटेंट मिलता है तो संबंधित चैनलों और खातों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
डिजिटल पायरेसी पर सरकार की सख्ती
सरकार का यह कदम डिजिटल पायरेसी पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका उद्देश्य फिल्म निर्माताओं, ओटीटी प्लेटफॉर्म और कॉपीराइट धारकों के अधिकारों की रक्षा करना तथा अवैध रूप से साझा किए जा रहे कंटेंट पर रोक लगाना है।