दिल्ली जिमखाना क्लब पर सरकार का बड़ा फैसला, 5 जून तक खाली करने का आदेश; लीज सस्पेंड कर दिया अल्टीमेटम
दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। केंद्र सरकार ने क्लब को 5 जून 2026 तक पूरा परिसर खाली करने का आदेश दिया है और उसकी लीज सस्पेंड कर दी गई है। यह कदम रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी परियोजनाओं की जरूरत का हवाला देते हुए उठाया गया है।
सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद अब क्लब का भविष्य अनिश्चितता में आ गया है। करीब 27.3 एकड़ में फैला यह परिसर अब सीधे भारत सरकार के नियंत्रण में आने की प्रक्रिया में है। इस फैसले ने राजधानी की प्रीमियम जमीन और उसके इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
क्यों लिया गया दिल्ली जिमखाना क्लब पर एक्शन?
दरअसल, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अधीन भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने यह आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि यह जमीन राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए बेहद अहम है। सफदरजंग रोड जैसे हाई-सिक्योरिटी इलाके में स्थित यह क्लब प्रधानमंत्री आवास और कई अहम सरकारी संस्थानों के बेहद करीब है। ऐसे में सरकार इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मान रही है।
5 जून तक खाली करना होगा परिसर
आदेश में साफ कहा गया है कि क्लब प्रबंधन को 5 जून तक परिसर शांतिपूर्ण तरीके से खाली करना होगा। इसके बाद सरकार कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जा ले सकती है लीज डीड के क्लॉज का इस्तेमाल करते हुए सरकार ने इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। अब पूरा परिसर भारत सरकार के अधिकार में आ जाएगा। यही नहीं, आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर क्लब तय समय पर खाली नहीं करता है, तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विवादों और जांच के घेरे में रहा क्लब
दिल्ली जिमखाना क्लब कोई पहली बार विवादों में नहीं आया है। इससे पहले भी इसके मैनेजमेंट और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कई सवाल उठ चुके हैं। 2016 में केंद्र सरकार ने इसके कामकाज की जांच शुरू की थी, जिसके बाद 2020 में मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में कई गड़बड़ियों का जिक्र हुआ था। बाद में NCLT ने भी क्लब के प्रशासन में बदलाव से जुड़े आदेश दिए थे। यह फैसला सिर्फ एक क्लब को खाली कराने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। लुटियंस दिल्ली की जमीन हमेशा से बेहद संवेदनशील और रणनीतिक महत्व की रही है।