बिहार के चुनावी रण में चिराग की नई चाल, NDA का बिगाड़ेंगे खेल?
Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों की तैयारी शुरु हो गई है। चिराग पासवान, इंडिया गठबंधन और प्रशांत किशोर सहित अन्य पार्टियां मैदान में उतर चुकी हैं। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान के बयान की हो रही है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिहार की सभी 243 सीटों पर लड़ने का ऐलान कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो खुद भी चुनाव लड़ेंगे। इस बयान के बाद एनडीए समेत विपक्षी पार्टियों में हलचल मच गई है।
क्या है चिराग का प्लान?
चिराग पासवान के बयान के बाद सीट बंटवारे की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है JDU और LJP(R) के बीच बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ सकता है। पिछले चुनाव में चिराग की पार्टी ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से केवल एक सीट पर पार्टी को जीत मिली थी। नौ सीटें ऐसी थी जीनपर LJP(R) दूसरे नंबर पर रही। जिसके चलते चिराग इन नौ सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। दूसरी तरफ JDU भी इन नौ सीटों पर दावा कर रही है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार चिराग अपनी पार्टी के हिस्से में किसी भी तरह 35 सीटें लाना चाहते हैं।
प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे हैं चिराग?
2024 के लोकसभा चुनाव में पांच सीटों पर चुनाव लड़ने और जीतने के बाद चिराग पासवान विधानसभा चुनाव में भी दमखम दिखाना चाहते हैं। मीडिया रिपोर्टस की माने तो LJP(R) 35 सीटों पर चुनाव लड़ने का दम भर सकती है। एनडीए गठबंधन में चिराग को 35 सीटें मिलना काफी मुश्किल माना जा रहा है। शायद यही कारण है कि चिराग सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का बयान देकर प्रेशर पॉलिटिक्स का सहारा भी ले रहे हैं। गठबंधन में होने के बावजूद सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान करना इसी ओर इशारा करता है। उनके इस बयान से सबसे ज्यादा हलचल नीतीश कुमार के खेमे में है।
बिगड़ सकता है NDA का खेल
राजनीतिक चर्चा यह भी है कि चिराग पासवान की पार्टी किसी भी तरह 35 सीटों से कम पर लड़ने को राजी नहीं है। ऐसे में एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर जबरदस्त खींचतान देखने को मिल सकती है। खासकर उन नौ सीटों पर जहां JDU और LJP(R) दोनों अपना दावा कर रहे हैं। इसके साथ ही जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा भी सीट बढ़ाने की मांग कर सकते हैं। पिछले चुनाव में मांझी की पार्टी ने सात में से चार सीटों पर जीत हासिल की थी। अगर सीट बंटवारे को लेकर मामला फिट नहीं होता तो एनडीए का नुकसान हो सकता है। 2020 को चुनाव में चिराग की पार्टी ने जेडीयू को जबरदस्त डेंट दिया था। खुद भले ही एक सीट जीत सकी मगर जेडीयू को भारी नुकसान पहुंचाया। नतीजतन जेडीयू 143 सीटों में केवल 43 पर ही जीत हासिल कर सकी थी।
ऐसे बन सकती है सहमति
बिहार चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जेडीयू और लोकजन शक्ति पार्टी के बीच तनाव की खबरें भी आ रही हैं। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार एनडीए 243 सीटों में से लोकजन शक्ति पार्टी को 28 सीटें दे सकती है। वहीं जीतन राम मांझी को सात और उपेंद्र कुशवाहा को चार सीटें मिलने की खबर है। बची 204 सीटों में भाजपा और जेडीयू बराबार यानी 102-102 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी की तरफ से सीट बंटवारे को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।