CBSE में बड़ा बदलाव, प्रशांत लोखंडे बने नए चेयरमैन, वरुण भारद्वाज को मिली सचिव की जिम्मेदारी
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में चल रहे विवादों के बीच केंद्र सरकार ने शीर्ष स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड की कमान अब अनुभवी आईएएस अधिकारी प्रशांत लोखंडे को सौंपी गई है, जबकि सचिव पद की जिम्मेदारी भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी वरुण भारद्वाज संभालेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और उससे जुड़े टेंडर को लेकर CBSE लगातार सवालों के घेरे में रहा है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करते हुए नई नियुक्तियों का ऐलान किया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस फैसले को बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
प्रशांत लोखंडे को मिली बोर्ड की कमान
2001 बैच के AGMUT कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे को CBSE का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। नियुक्ति को कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी मिली है। लोखंडे इससे पहले गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे। अब वे बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति अतिरिक्त सचिव स्तर के पद और वेतनमान पर की गई है।
राहुल सिंह को मिली नई जिम्मेदारी
CBSE के पूर्व चेयरमैन राहुल सिंह को भी नई तैनाती दी गई है। केंद्र सरकार ने उन्हें कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव बनाया है। राहुल सिंह 1996 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उनके कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने कई डिजिटल बदलावों को लागू किया था। हालांकि हाल के महीनों में OSM प्रणाली को लेकर बोर्ड को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
सचिव पद पर वरुण भारद्वाज की नियुक्ति
बोर्ड के प्रशासनिक ढांचे में दूसरा बड़ा बदलाव सचिव पद पर हुआ है। 2008 बैच के भारतीय सूचना सेवा अधिकारी वरुण भारद्वाज को नया सचिव नियुक्त किया गया है। वरुण भारद्वाज के सामने परीक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन प्रक्रिया और डिजिटल सिस्टम से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को बेहतर बनाने की चुनौती रहेगी। उनकी नियुक्ति को CBSE के संचालन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
OSM विवाद के बाद बढ़ी सख्ती
ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर सामने आए विवादों के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। इसी क्रम में तत्कालीन चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटाया गया। OSM प्रक्रिया में टेंडर और अलॉटमेंट से जुड़े सवालों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर बहस छेड़ दी थी। छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के बाद मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा।
जांच समिति करेगी पूरे मामले की पड़ताल
सरकार ने OSM सेवाओं के टेंडर और आवंटन प्रक्रिया की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की प्रमुख एस. राधा चौहान करेंगी। समिति को यह जांचने की जिम्मेदारी दी गई है कि टेंडर प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता या प्रशासनिक चूक तो नहीं हुई। आवश्यकता पड़ने पर समिति अन्य विभागों और विशेषज्ञ अधिकारियों की मदद भी ले सकेगी।
सरकार की नजर अब इस बात पर है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में ऐसी विवादित स्थितियों को रोका जा सके और बोर्ड की विश्वसनीयता को और मजबूत किया जा सके।