पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी सरकार के कैबिनेट

बंगाल में बड़ा कैबिनेट विस्तार, सुवेंदु सरकार में 35 नए चेहरों की एंट्री तय

West Bengal News

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मौजूदा मंत्रिमंडल के गठन के कुछ ही हफ्तों बाद अब सरकार अपने दायरे को और बड़ा करने जा रही है।

सूत्रों के अनुसार सोमवार को होने वाला यह विस्तार काफी अहम माना जा रहा है, जिसमें करीब 35 नए विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा संतुलन बदलाव देखने को मिलेगा। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से तैयार सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है और अब सभी की नजरें औपचारिक ऐलान पर टिकी हैं।

मंत्रिपरिषद विस्तार से बदलेगा राजनीतिक समीकरण

पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और संविधान के अनुसार अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसी सीमा के भीतर सरकार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि इस बार फोकस केवल संख्या बढ़ाने पर नहीं बल्कि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर भी रहेगा। खासकर उत्तर बंगाल और पिछड़े वर्गों को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की रणनीति अपनाई गई है। इस कदम को आने वाले चुनावों से पहले संगठनात्मक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है।

আগামীকাল পশ্চিমবঙ্গের জনগণের রায়ে নির্বাচিত রাষ্ট্রবাদী সরকারের পূর্ণাঙ্গ মন্ত্রীসভা গঠিত হতে চলেছে। মন্ত্রীসভা সম্প্রসারণের উদ্দেশ্যে পশ্চিমবঙ্গ সরকারের ৩৫ জন মন্ত্রী সকাল ১১ টায় লোকভবনে শপথ গ্রহণ করবেন। মহামান্য রাজ্যপাল শ্রী আর. এন. রবি মহোদয় লোকভবনে তাঁদের শপথ বাক্য পাঠ…

— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 31, 2026

स्वपन दासगुप्ता और रुद्रनील घोष पर नजर

नए मंत्रिमंडल में जिन नामों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता का नाम प्रमुख है। उन्हें उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा अभिनेता से नेता बने रुद्रनील घोष के नाम को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, दीपक बर्मन और शंकर घोष जैसे विधायकों की भी कैबिनेट में एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इस बार कुछ ऐसे चेहरे भी सामने आ सकते हैं, जिनकी उम्मीद राजनीतिक गलियारों में कम ही थी।

महिलाओं और उत्तर बंगाल पर रहेगा खास फोकस

पार्टी रणनीति के अनुसार नए मंत्रिमंडल में महिलाओं और पिछड़े समुदायों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उत्तर बंगाल को विशेष प्राथमिकता में रखा गया है, जहां पहले से कुछ प्रमुख चेहरे मौजूद हैं। अब इस क्षेत्र से और भी विधायकों को मंत्री पद दिया जा सकता है। इस कदम को क्षेत्रीय असंतुलन को संतुलित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा अंतिम नाम

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर अंतिम निर्णय पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में है। स्थानीय स्तर पर तैयार सूची पर अंतिम मुहर दिल्ली से लगाई जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बार कुछ चौंकाने वाले नाम भी सामने आ सकते हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण और बदल सकते हैं। अब सभी की निगाहें सोमवार के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं, जो बंगाल की राजनीति में नई दिशा तय कर सकता है।