समय रैना को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कोर्ट आदेश न मानने पर लगाया 3 लाख जुर्माना
कॉमेडियन समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। इसी को लेकर कोर्ट ने दोनों को फटकार लगाई और 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान समय रैना के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालत ने उन्हें पहले भी राहत दी थी, लेकिन आदेशों का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई तो आगे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
आदेश पालन नहीं करने पर कोर्ट नाराज
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि समय रैना ने कोर्ट के सामने दिए गए भरोसे के मुताबिक कार्रवाई नहीं की। अदालत का कहना था कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों से जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि लोगों को नीचा दिखाना मनोरंजन का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता।
पीड़ितों से संपर्क नहीं करने का आरोप
सुनवाई में वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि समय रैना शो कर रहे हैं, लेकिन कोर्ट के निर्देश के बावजूद एसएमए फाउंडेशन और संबंधित पीड़ित लोगों से संपर्क नहीं किया गया। इसी मुद्दे को लेकर अदालत ने नाराजगी जताई।
वकील ने रखा पक्ष
समय रैना की ओर से पेश वकील ने कहा कि एसएमए फाउंडेशन से संपर्क नहीं करना अहंकार की वजह से नहीं हुआ है। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि वह अपने क्लाइंट को कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए समझाएंगे।
क्या था पूरा मामला
यह मामला ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो से जुड़ा है। इसमें कथित तौर पर दिव्यांगता और दुर्लभ आनुवंशिक विकारों से जुड़े लोगों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियों का आरोप लगा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में समय रैना और अन्य संबंधित लोगों को बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया था। अदालत ने उस समय कहा था कि ऐसी सामग्री पर सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है। कोर्ट ने उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर माफी जारी करने और जुर्माना या हर्जाने को लेकर जवाब देने के निर्देश दिए थे। अब आदेशों के पालन में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों कॉमेडियनों पर आर्थिक जुर्माना लगाया है।