सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG को ऑनलाइन कराने की मांग ख

NEET-UG ऑफलाइन ही रहेगा, SC ने ऑनलाइन कराने की मांग खारिज की, छात्रों को बड़ा संदेश

NEET-UG 2026 को लेकर चल रही बहस पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम रुख साफ कर दिया है। परीक्षा को ऑनलाइन कराने की मांग पर अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार किया है। अब परीक्षा पहले की तरह पेन-पेपर मोड में ही आयोजित की जाएगी। इससे लाखों छात्रों की तैयारी की दिशा तय हो गई है। यह फैसला परीक्षा प्रणाली और ग्रामीण-शहरी छात्रों की समान पहुंच को ध्यान में रखते हुए अहम माना जा रहा है।

ऑनलाइन परीक्षा की मांग और उठे सवाल

कुछ उम्मीदवारों ने याचिका दायर कर NEET को कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में कराने की मांग की थी। उनका तर्क था कि पिछले वर्षों में पेपर लीक, डमी उम्मीदवार और OMR शीट से जुड़ी गड़बड़ियों ने परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि डिजिटल परीक्षा इन समस्याओं को काफी हद तक रोक सकती है।

सुप्रीम कोर्ट का साफ रुख

प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में सीधे हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि परीक्षा का तरीका तय करना नीति से जुड़ा विषय है, जो विशेषज्ञ संस्थाओं और NTA के अधिकार क्षेत्र में आता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे फैसले न्यायिक दायरे से बाहर हैं।

ग्रामीण छात्रों और व्यवस्था की चुनौती

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि देश के बड़े हिस्से में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अभी समान रूप से विकसित नहीं है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में लाखों छात्रों के पास कंप्यूटर और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में अचानक पूरी परीक्षा को ऑनलाइन करना व्यवहारिक रूप से मुश्किल माना गया।

छात्रों के लिए साफ हुआ रास्ता

फैसले के बाद NEET अभ्यर्थियों के लिए स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब तैयारी पारंपरिक पैटर्न के अनुसार ही करनी होगी। पेन-पेपर आधारित परीक्षा में स्पीड और सटीकता सबसे अहम होती है। खासकर OMR शीट भरने की प्रैक्टिस और समय प्रबंधन अब पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।