नागपुर चुना था, एडमिट कार्ड में मिला अबूधाबी सेंटर, NEET से पहले मचा बवाल
NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से ठीक एक दिन पहले परीक्षा प्रबंधन को लेकर नया विवाद सामने आ गया। महाराष्ट्र के नागपुर के एक छात्र को उसके पसंदीदा शहर की बजाय अबूधाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित होने की जानकारी मिलने के बाद मामला चर्चा में आ गया। पेपर लीक विवाद के बाद पहले से सवालों के घेरे में मौजूद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के लिए यह मामला नई चुनौती बनकर उभरा। छात्र और उसके परिवार ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक बताते हुए तत्काल सुधार की मांग की।
मामला सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर शिक्षा जगत तक परीक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई। हालांकि बाद में NTA ने दावा किया कि समस्या का समाधान कर दिया गया है।
नागपुर की जगह एडमिट कार्ड में दिखा अबूधाबी
जानकारी के मुताबिक छात्र ने आवेदन के दौरान नागपुर को पहली पसंद के रूप में चुना था। इसके अलावा वर्धा और भंडारा जैसे शहर भी विकल्प में शामिल थे। पहले आयोजित परीक्षा के लिए उसे नागपुर के एक केंद्र पर सीट आवंटित की गई थी, लेकिन पुनर्परीक्षा के एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र अबूधाबी के एक स्कूल में दिखाया गया। इससे परिवार हैरान रह गया क्योंकि छात्र ने कभी विदेशी परीक्षा केंद्र का विकल्प नहीं चुना था।
परिवार ने जताई चिंता
छात्र के पिता ने बताया कि उनके बेटे के पास पासपोर्ट तक नहीं है और परीक्षा से ठीक पहले विदेश जाकर परीक्षा देना संभव नहीं था। परिवार ने तुरंत NTA हेल्पलाइन से संपर्क किया और मामले की शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि इतनी बड़ी परीक्षा में इस तरह की गलती किसी छात्र के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
#WATCH | Nagpur, Mahrashtra: Family of a NEET aspirant, Abdullah Mohammad Talib, claims that he was allocated a school in Abu Dhabi as his exam center for NEET-UG re-exam scheduled to be held on 21st June.His father, Mohammad Talib, says, "...After the admit card was downloaded… pic.twitter.com/EmFqhIFVRK
विवाद बढ़ा तो NTA को देनी पड़ी सफाई
मामले ने तूल पकड़ा तो NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि छात्र का मामला सुलझा लिया गया है और उसे दोबारा नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है। एजेंसी का दावा है कि छात्र को परीक्षा देने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
घटना के बाद परीक्षा संचालन की पारदर्शिता और तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. अनीस अहमद ने इस मामले को गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में ऐसी गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने एजेंसी से जवाबदेही तय करने की मांग भी की।
सुरक्षा के घेरे में होगी पुनर्परीक्षा
विवादों के बीच NTA ने परीक्षा की सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रश्नपत्रों और गोपनीय सामग्री की ढुलाई GPS युक्त वाहनों और पुलिस सुरक्षा के बीच की जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकी जा सके।
22 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों पर नजर
21 जून को आयोजित होने वाली पुनर्परीक्षा में देश और विदेश के विभिन्न केंद्रों पर 22.79 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल होने वाले हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी, जबकि प्रवेश दोपहर 1:30 बजे तक ही मिलेगा। एजेंसी ने अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी है। ऐसे माहौल में नागपुर के छात्र का मामला यह दिखाता है कि सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ परीक्षा प्रबंधन की छोटी चूक भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है।