चौथे दिन भी शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 521 अंक उछला; निफ्टी 24,400 के पार बंद
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। मजबूत घरेलू संकेतों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी, अच्छे मॉनसून की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते सेंसेक्स 521 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 24,400 के स्तर को पार कर लिया।
चौथे दिन भी जारी रही बाजार की तेजी
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। लगातार चौथे सत्र में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 521 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 ने 24,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार समाप्त किया। हालांकि, व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) का प्रदर्शन मिश्रित रहा। एनएसई पर 1,769 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 1,578 शेयर बढ़त पर बंद हुए। 115 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजार में तेजी के छह बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार की तेजी के पीछे कई सकारात्मक कारक रहे।
- देशभर में अच्छी बारिश से मजबूत मॉनसून की उम्मीद।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी।
- वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद।
- कच्चे तेल की कीमतें 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना।
- बॉन्ड यील्ड में गिरावट, जिससे इक्विटी निवेश आकर्षक बना।
- बड़े और दिग्गज शेयरों में मजबूत खरीदारी।
इन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा खरीदारी
सोमवार के कारोबार में मेटल और एनर्जी सेक्टर सबसे मजबूत रहे। इन सेक्टरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई
- निफ्टी ऑटो
- निफ्टी रियल्टी
- निफ्टी ऑयल एंड गैस
- निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
व्यक्तिगत शेयरों में हिंडाल्को और ओएनजीसी के शेयर 3 प्रतिशत से अधिक चढ़े।
बैंकिंग शेयरों में दिखी मुनाफावसूली
जहां अधिकांश सेक्टरों में खरीदारी रही, वहीं बैंकिंग शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों से भी मिला समर्थन
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का सकारात्मक रुख भी भारतीय बाजार के लिए सहायक रहा। अमेरिकी और अधिकांश एशियाई बाजार बढ़त में रहे, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। हालांकि कुछ एशियाई सूचकांकों में हल्की कमजोरी रही, लेकिन भारतीय बाजार घरेलू सकारात्मक संकेतों के दम पर मजबूती बनाए रखने में सफल रहा।
रुपये में कमजोरी
शेयर बाजार में तेजी के बावजूद भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 20 पैसे कमजोर होकर 95.38 (अस्थायी) पर बंद हुआ।