सेंसेक्स 790 अंक उछला, निवेशकों की लौटी रौनक; आखिर बाजार में अचानक क्यों आई तेजी?
मुंबई में गुरुवार को शेयर बाजार ने मजबूत वापसी की। सेंसेक्स 790 अंकों की तेजी के साथ 75,399 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 277 अंक चढ़कर 23,690 के स्तर पर पहुंच गया. लगातार उतार-चढ़ाव के बीच बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत किया है।
खास बात यह रही कि बैंकिंग, फार्मा और मेटल शेयरों में जमकर खरीदारी हुई। वहीं IT सेक्टर दबाव में दिखाई दिया. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच शुरू हुई अहम बैठक ने ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट को सकारात्मक बनाया है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अगले कुछ दिनों पर टिक गई है।
बैंकिंग और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
आज के कारोबार में बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर ने बाजार को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया। कई बड़े बैंकिंग शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। फार्मा कंपनियों के शेयर भी तेजी में रहे, जिससे निफ्टी ने दिनभर बढ़त बनाए रखी, दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों से विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार दबाव में था। लेकिन घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने इस बार बाजार को संभाल लिया। यही वजह रही कि गिरावट के डर के बावजूद बाजार मजबूत बंद हुआ।
ट्रम्प-शी जिनपिंग बैठक का असर?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में शुरू हुई दो दिवसीय बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है, निवेशकों को उम्मीद है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है, तो वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर सकारात्मक असर पड़ेगा। यही उम्मीद भारतीय बाजार में भी दिखाई दी। हालांकि फिलहाल निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला संकेत
एशियाई बाजारों की बात करें तो साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 1.75% चढ़ा। वहीं जापान का निक्केई लाल निशान में बंद हुआ। हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में मामूली गिरावट रही, अमेरिकी बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार देखने को मिला था। नैस्डैक और S&P 500 में बढ़त रही, जबकि डाउ जोन्स हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
एक तरफ घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभाला, तो दूसरी तरफ विदेशी निवेशक अभी भी बिकवाली कर रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने बुधवार को 4,703 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने 5,869 करोड़ रुपए की खरीदारी की। अब समझिए… यही वजह है कि विदेशी बिकवाली के बावजूद बाजार बड़ी गिरावट से बचा रहा।
आम निवेशकों के लिए क्यों अहम है ये तेजी?
बाजार में आई तेजी का असर सीधे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ता है। जिन लोगों ने बैंकिंग, फार्मा या मेटल सेक्टर में निवेश किया है, उन्हें राहत मिली है। इसके अलावा SIP और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी यह संकेत सकारात्मक माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञ अभी भी सलाह दे रहे हैं कि वैश्विक हालात को देखते हुए निवेश सोच-समझकर करें, क्योंकि आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।