ईरान तेल संकट का असर: एशिया में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेज उछाल
नई दिल्ली। ईरान में जारी तेल संकट का असर अब एशिया के बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से आकर्षित किया है। इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा एशिया की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को मिल रहा है, जिनमें BYD और VinFast जैसे ब्रांड शामिल हैं।
ईंधन महंगा होने से EV की ओर बढ़ा रुझान
तेल संकट के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी आई है। इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ा है और वे अब कम खर्च वाले विकल्प की तलाश कर रहे हैं। मनीला और हनोई जैसे शहरों में डीलरशिप्स पर EV की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। कई जगहों पर बिक्री पिछले औसत से दोगुनी तक पहुंच गई है।
बिक्री में रिकॉर्ड उछाल
एशियाई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं
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मनीला में BYD के शोरूम में दो हफ्तों में एक महीने के बराबर ऑर्डर मिले
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वियतनाम में VinFast की बिक्री में तीन हफ्तों में 250 से अधिक वाहन बिके
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कुछ क्षेत्रों में EV की मांग सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ी
बढ़ती मांग के पीछे कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, EV की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे कई कारण हैं, जिनमें तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, ईंधन खर्च की तुलना में EV का कम संचालन खर्च और सरकारों द्वारा EV को दी जा रही नीतिगत बढ़ावा सबसे प्रमुख हैं हालांकि मांग बढ़ रही है, लेकिन EV सेक्टर को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। चार्जिंग स्टेशनों की कमी, शुरुआती कीमत अधिक होना और सप्लाई चेन की बाधाएं अभी भी बड़ी समस्या बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन चुनौतियों को दूर किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में EV बाजार और तेजी से विस्तार कर सकता है।