बिजनेस राउंडअप: पेट्रोल-डीजल खरीद पर लगी लिमिट खत्म, दिल्ली में EV को बड़ी राहत
नई दिल्ली। देश में ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी दो बड़ी घोषणाएं सामने आई हैं। केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खरीद पर लागू आपातकालीन प्रतिबंधों को 1 जुलाई से समाप्त करने का फैसला किया है। वहीं दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को मंजूरी देते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को कई कर रियायतें देने की घोषणा की है।
1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल खरीद पर सभी पाबंदियां खत्म
सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लागू अस्थायी सीमाओं को हटाने का निर्णय लिया है। इसके बाद व्यावसायिक खरीदार (कॉमर्शियल बायर्स) भी सामान्य रीटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद सकेंगे। पहले लागू व्यवस्था के तहत एक वाहन में प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल भरवाने की सीमा निर्धारित की गई थी। 1 जुलाई से यह सीमा समाप्त हो जाएगी और उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार ईंधन खरीद सकेंगे।
क्या होगा फायदा?
- ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को राहत मिलेगी।
- कॉमर्शियल वाहनों के लिए ईंधन उपलब्धता आसान होगी।
- ईंधन खरीद प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी।
- आपूर्ति संबंधी अस्थायी प्रतिबंध पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे।
दिल्ली की नई EV पॉलिसी को मंजूरी
दिल्ली कैबिनेट ने नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 30 लाख तक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क से पूर्ण छूट मिलेगी। सरकार का उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है।
नई EV पॉलिसी की प्रमुख बातें
- 30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स माफ।
- रजिस्ट्रेशन फीस में पूरी छूट।
- इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने पर जोर।
- प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन को बढ़ावा।
2028 से बड़ा बदलाव
नई नीति के अनुसार वर्ष 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल और CNG आधारित दोपहिया वाहनों के पंजीकरण को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, जिससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और बढ़ावा मिल सके।
घरों की बिक्री में आई बड़ी गिरावट
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी ANAROCK की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में देश के शीर्ष सात शहरों में कुल 90,715 आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई। यह जनवरी 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया में तनाव, विशेषकर ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम और सप्लाई चेन संबंधी चुनौतियों ने खरीदारों के विश्वास को प्रभावित किया है।
रियल एस्टेट बाजार की स्थिति
| संकेतक | आंकड़ा |
|---|---|
| अप्रैल-जून तिमाही बिक्री | 90,715 यूनिट |
| वित्त वर्ष 2026 कुल बिक्री | 4,04,005 यूनिट |
| स्थिति | जनवरी 2023 के बाद सबसे कम |
शेयर बाजार पर भी दबाव
इसी बीच भारतीय शेयर बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक संकेतों के बीच बाजार में मुनाफावसूली का असर दिखाई दिया।