सरकार ने पुराने केंद्रीय पेंशनर्स और CPF लाभार्थिय

पुराने पेंशनर्स के लिए राहत, सरकार ने बढ़ाई महंगाई राहत, अब इतनी बढ़कर मिलेगी पेंशन राशि

DA hike News

केंद्र सरकार ने कुछ पुराने केंद्रीय पेंशनर्स और उनके परिवारों को बड़ी राहत दी है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी को लेकर नया आदेश जारी किया है। यह फैसला खास तौर पर 5वें वेतन आयोग के दायरे में आने वाले चुनिंदा लाभार्थियों के लिए लागू होगा। सरकार ने इसके लिए 1 जुलाई 2025 और 1 जनवरी 2026 से नई दरें तय की हैं। आदेश के बाद अब पात्र पेंशनर्स को बढ़ी हुई दरों के साथ बकाया भुगतान भी मिलेगा, जिससे उनकी मासिक आय में सुधार होगा।

पुरानी पेंशन व्यवस्था पर सरकार का बड़ा फैसला

केंद्र सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने 22 मई को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि यह बढ़ोतरी केवल सीमित श्रेणी के पुराने CPF लाभार्थियों और उनके आश्रितों पर लागू होगी। इसका उद्देश्य लंबे समय से पेंशन ले रहे वरिष्ठ नागरिकों को राहत देना है।

किन पेंशनर्स को मिलेगा फायदा

इस फैसले का लाभ दो मुख्य श्रेणियों को मिलेगा। पहली श्रेणी में वे जीवित CPF लाभार्थी शामिल हैं जो 1960 से 1985 के बीच रिटायर हुए थे और जिन्हें बेसिक एक्स-ग्रेशिया पेमेंट मिल रहा है। इनके लिए DR 1 जुलाई 2025 से 474% और 1 जनवरी 2026 से 483% तय किया गया है। दूसरी श्रेणी में मृत CPF लाभार्थियों की विधवाएं, आश्रित बच्चे और 1960 से पहले रिटायर हुए पात्र कर्मचारी शामिल हैं। इनके लिए DR दरें क्रमशः 466% और 475% निर्धारित की गई हैं।

बकाया भुगतान और कैलकुलेशन नियमों में बदलाव

सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह बढ़ी हुई DR दरें पिछली तारीखों से लागू होंगी। ऐसे में पात्र पेंशनर्स को एरियर यानी बकाया राशि का पूरा भुगतान किया जाएगा, जिससे उनकी कुल आय में बढ़ोतरी होगी। DR कैलकुलेशन के दौरान अगर राशि दशमलव में आती है, तो उसे अगले उच्च रुपये में राउंड ऑफ किया जाएगा। इस प्रक्रिया की जिम्मेदारी पेंशन देने वाली एजेंसियों और सरकारी बैंकों पर होगी।

7वें वेतन आयोग वाले पेंशनर्स पर कोई असर नहीं

यह बढ़ोतरी सभी पेंशनर्स पर लागू नहीं है। जो केंद्रीय कर्मचारी 7वें वेतन आयोग के दायरे में आते हैं, उनकी मौजूदा महंगाई राहत 60% के आसपास बनी हुई है। सरकार का यह कदम केवल पुराने CPF एक्स-ग्रेशिया लाभार्थियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।