Wednesday, March 18, 2026

चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है। इस पावन पर्व में मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व होता है। पहला दिन कलश स्थापना का होता है, जिसे शुभ मुहूर्त में करना बेहद जरूरी माना जाता है।

Editor Name: Swadesh News

नवरात्रि की शुरुआत से पहले भगवान गणेश का स्मरण करें। मान्यता है कि बिना गणेश पूजन के कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं होता। जल, पुष्प और चंदन अर्पित कर पूजा शुरू करें।

सबसे पहले पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद हल्दी से अष्टदल कमल बनाएं, यह शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

अब एक मिट्टी के पात्र में मिट्टी डालें और उसमें जौ बोएं। यह उगते हुए जौ समृद्धि और खुशहाली का संकेत माने जाते हैं।

तांबे या मिट्टी के कलश पर रोली से स्वास्तिक बनाएं और मौली बांधें। कलश में जल भरकर उसमें गंगाजल मिलाएं और सिक्का, सुपारी, अक्षत, इलायची जैसी चीजें डालें।

कलश के ऊपर पांच पत्ते रखें और लाल चुनरी में लिपटा नारियल स्थापित करें। यह कलश मां दुर्गा का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे श्रद्धा से स्थापित करें।

कलश स्थापना के दौरान यह मंत्र पढ़ें- ॐ कलशस्य मुखे विष्णुः कण्ठे रुद्रः समाश्रितः। मूले त्वस्य स्थितो ब्रह्मा मध्ये मातृगणाः स्मृताः॥