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उपद्रवियों को भेजा जेल, नहीं मिली जमानत

उपद्रवियों को भेजा जेल, नहीं मिली जमानत
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ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि। सोमवार को भारत बंद के तहत ग्वालियर में उत्पात मचाने वाले अलग-अलग थाना क्षेत्र के 35 आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को जिला न्यायालय में पेश किया। जहां से किसी को भी जमानत नहीं मिल सकी और कुछ को जेल और कुछ को रिमांड पर लिया गया है। हालांकि उत्पातियों की जमानत के लिए कांग्रेस से जुड़े कुछ अभिभाषक जिला न्यायालय पहुंचे थे लेकिन वहां बड़ी संख्या में मौजूद अन्य अभिभाषकों के गुस्से को देखते हुए यह लोग जमानत आवेदन पेश नहीं कर सके। इस दौरान जिला न्यायालय पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील रहा क्योंकि आमजन के साथ वकीलों में भी इनके प्रति आक्रोश है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को भीम सेना द्वारा कराए गए भारत बंद के दौरान शहर में बंद समर्थकों ने जबरदस्त उत्पात मचाया। इस दौरान तमाम वाहन तोड़े गए और आमजन को पीटा गया। महिलाओं से अभद्रता की गई जिस पर मुरार, विश्वविद्यालय, थाटीपुर, पडाव, इंदरगंज, गोला का मंदिर आदि थानों में इन हंगामाईयों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमें दर्ज किए गए। चूंकि इनके द्वारा बंद की आड में आमजन जन जीवन को प्रभावित कर जातिगत रूप से दंगा भड़काने जैसा कृत्य किया गया इसलिए आमजन की राय इनके खिलाफ है। यही कारण रहा कि मंगलवार को इन उत्पातियों को जिला न्यायालय में लाया गया तो बड़ी संख्या में पुलिस बल, एडीशनल एसपी दिनेश कौशल की मौजूदगी में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौजूद था। सबसे पहले विश्वविद्यालय थाना से आए 21 आरोपियों को निचली अदालत में पेश किया गया जहां से इन्हें 16 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश हुए। इसी तरह मुरार के छह आरोपियों को 14 दिन तक के लिए जेल भेजा गया जबकि इंदरगंज थाना के छह और पड़ाव थाना के दो आरोपियों को पांच अप्रैल तक पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया।
यह पहुंचे जेल
मुरार थाना से लाए गए आरोपियों में खूबीराम कोली, अशोक मण्डेलिया, रूप सिंह बौद्ध, सौरभ जाटव, मनोज हिण्डोलिया, रवि वर्मा, जितेन्द्र माथुर, बृजेश जाटव, विजय शेखर, डॉगी जाटव, तरूण धाकड़, अरूण खेनवार, करन कुशवाह, अनिल टैगोर, दिनेश जाटव, सतेन्द्र जाटव, हितेश पालिया, राहुल जर्मन, पुष्पेन्द्र सिंह, भारत सिंह, अनिल शेखर, मुकेश जाटव, अमर टैगोर, अरूण कुमार, देवेन्द्र जाटव, कपिल शामिल हैं। वहीं मुरार थाने से हेमन्त, रवि, आकाश, रूद्र, रूस्तम और नीरज को पेश किया गया।

कांग्रेस समर्थक वकील बैरंग लौटे
दोपहर लगभग तीन बजे अलग-अलग थाना क्षेत्र के आरोपियों को जिला न्यायालय परिसर लाया गया तो इनके खिलाफ समूचे वकील एकजुट थे। इन लोगों ने तय किया था कि कोई भी अभिभाषक इनकी जमानत के आवेदन नहीं लगाएगा लेकिन इस बीच कांग्रेस नेता अमर सिंह माहौर की अगुवाई में बी.एल. उमरैया, रघुवीर भारती, शोभाराम माहौर, धर्मेन्द्र कुशवाह और चैन सिंह राजपूत जमानत आवेदन लगाने के लिए आगे आए, लेकिन माहौल काफी खराब होने के कारण यह वकील आरोपियों की पैरवी नहीं कर सके और इन्हें बैरंग लौटना पड़ा।

दंगाईयों में कांग्रेस नेता भी नामजद
सोमवार को वैसे तो भीम सेना ने बंद की घोषणा की थी लेकिन रविवार की रात जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में कांग्रेस अनुसूचित जाति व जनजाति मोर्चा के प्रदेश संयोजक पुरूषोत्तम बनौरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि वे कल बंद कराने निकलेंगे लेकिन पुलिस ने उनके अंदाज को नजरअंदाज कर दिया। सोमवार को तेजी के साथ घटे घटनाक्रम के बाद थाटीपुर थाना पुलिस में दंगाईयों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध नामजद किया है। उनमें पुरूषोत्तम बनौरिया के साथ शहर जिला कांग्रेस के महामंत्री अर्जुन जाटव का नाम भी शामिल है। इसके अलावा कांग्रेस से जुड़े इसी वर्ग के तमाम नेता बंद के दौरान हाथों में डंडे और झण्डे लिए मौजूद थे जिससे स्पष्ट है कि दंगाईयों को पूरी तरह से कांग्रेस का समर्थन मिला हुआ था। हालांकि कांग्रेस ने रटा रटाया बयान जारी किया है कि अनुसूचित जाति व जनजाति पर किसी भी तरह का प्रावधान उन्हें मंजूर नहीं है। साथ ही यह भी जोड रहे हैं कि शहर में शांति बनाई रखी जाए। मुकदमें दर्ज होने के बाद यही कांग्रेसी बचते हुए वरिष्ठ कांग्रेसियों से आश्रय पाने पहुंच रहे हैं कि उनका नाम एफआईआर से हटवा दिया जाए जबकि कांग्रेस से ही जुड़े नेताओं का मत है कि दलित वर्ग में वैमनस्यता फैलाने वाले इन लोगों को सबक मिलना चाहिए, हालांकि इस मामले में जब पुरूषोत्तम बनौरिया से बात की गई तो उन्होंने स्वीकारा की रविवार की रात पुलिस प्रशासन के साथ हुई बैठक में उन्होंने सोमवार को बंद कराने की बात कही थी और सोमवार को वे सुबह 9.30 बजे तक शांतिपूर्ण बंद में शामिल भी रहे थे। उनका कहना है कि तोड़फोड़ और उत्पात की घटना 9.45 बजे शुरू हुई है तब तक वे घर जा चुके थे यदि उन्होंने कोई उत्पात में भाग लिया है तो उसके फुटेज देखे जाना चाहिए।

Updated : 2018-04-04T05:30:00+05:30
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