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केंद्र सरकार का महिला सशक्तिकरण पर जोर

केंद्र सरकार का महिला सशक्तिकरण पर जोर

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट में महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देने का प्रयास किया है। हालांकि इसकी उम्मीद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हाल ही में मन की बात कार्यक्रम के जरिए जगाई गई थी। बजट पेश करने के दौरान उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने की बात कहते हुए अरुण जेटली ने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्यान महिला सशस्त्रीकरण पर भी है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में शौचालय के निर्माण पर जोर दिया| उन्होंने कहा कि रोजगार शुरू करने के लिए मुद्रा योजना के तहत 76 फीसद कर्ज लेने वाली महिलाएं हैं। 2022 तक हर गरीब को घर देने का लक्ष्य है। शहरी क्षेत्रों में 37 लाख मकान बनाने को मंजूरी दी गई है।

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि सरकार महिला कर्मचारियों के ईपीएफ में 3 साल तक 8 फीसदी का योगदान करेगी। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देने वाले सेक्टर्स के लिए भी ईपीएफ में सरकार का योगदान 12 फीसदी रहेगा। लेकिन, बजट-2018 में महिलाओं के लिए और किसी खास योजना के बारे में घोषणा नहीं की गई है।

सरकार महिलाओं के लिए मुद्रा योजना को और मजबूत करेगी। इस योजना के तहत 76 फीसदी लोन अकाउंट महिलाओं के हैं। लगभग 50 फीसदी महिलाएं एससी, एसटी और ओबीसी समूह से आती है। सरकार इस योजना के तहत आवंटन बढ़ा कर 3 लाख करोड़ करेगी ताकि ज्यादा से ज्यादा ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं को अपना कारोबार के लिए लोन मिल सके।
बजट-2018 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के तहत जनवरी, 2015 में शुरू की गई सुकन्या समृद्धि खाता योजना को अपार सफलता मिली। वित्त मंत्री ने कहा कि नवम्बर, 2017 तक देशभर में 1.26 करोड़ से अधिक लड़कियों के खाते खोले गए जिनमें 19,183 करोड़ रुपये जमा किए गए।

8 करोड़ रुपये के मुफ्त गैस कनेक्शन

उज्ज्वला योजना के तहत वित्त मंत्री ने अरुण जेटली ने बजट में गरीब महिलाओं के लिए 8 करोड़ रुपये के मुफ्त गैस कनेक्शन बांटने का ऐलान किया है। इस साल गरीब परिवारों के लिए मोदी सरकार 8 करोड़ रुपए खर्च करेगी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। इस स्कीम का उद्देश्य गरीब महिलाओं व लोगों को खाना पकाने के लिये स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था।

उल्लेखनीय है कि इस बार बजट में महिला सुरक्षा के नाम पर ज्यादा पैसा आवंटित करने की मांग की गई थी। महिला अपराधों के निपटारे के लिए अधिक संख्या में त्वरित अदालतों के लिए धन आवंटित करने, स्त्री शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और बजट में महिलाओं के लिए व्यावसायिक शिक्षा को तरजीह दी जाने की मांग की गई थी।

Updated : 2018-02-01T05:30:00+05:30
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