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देश में एक साथ चुनाव पर सहमति बनाएं राजनीतिक दलः राष्ट्रपति

देश में एक साथ चुनाव पर सहमति बनाएं राजनीतिक दलः राष्ट्रपति
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश में एक साथ चुनाव कराए जाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि बार-बार होने वाले चुनाव विकास में बाधक होते हैं| ऐसे में सभी राजनीतिक दलों को एक साथ चुनाव कराए जाने पर आम सहमति बनाने पर विचार करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक संबंधी कानून को पारित कराने और अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की जरूरत पर बल दिया। श्री कोविंद ने अपने संबोधन में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की लड़ाई को आगे भी जारी रखने की बात दोहराई।

सोमवार को संसद के बजट सत्र की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा कि देश के किसी न किसी हिस्से में लगातार हो रहे चुनाव से देश में गवर्नेंस को लेकर सजग रहने वाले लोगों में विपरीत प्रभाव को लेकर चिंता है। बार-बार चुनाव होने से मानव संसाधन पर बोझ तो बढ़ता ही है, आचार संहिता लागू होने से देश की विकास प्रक्रिया भी बाधित होती है। उन्होंने कहा कि देश में एक साथ चुनाव कराने के विषय पर सभी राजनीतिक दलों के बीच संवाद बढ़ना चाहिए और इस बारे में आम सहमति बनायी जानी चाहिए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में कहा कि किसानों की मुश्किलों का समाधान करना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना सरकार की उच्च प्राथमिकता है। विभिन्न योजनाओं से वह न केवल किसानों की चिंता कम कर रही है बल्कि खेती पर होने वाले उनके खर्च को भी घटा रही है।

रामनाथ कोविंद ने कहा कि सरकार की नीतियों और किसानों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि देश में 27.5 करोड़ टन से ज्यादा खाद्यान्न और लगभग 30 करोड़ टन फलों-सब्जियों का उत्पादन हुआ है। किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुना करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि किसानों को उनकी पैदावार की उचित कीमत मिले इसके लिए देश की कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ने का कार्य चल रहा है। श्री कोविंद ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादन (डेयरी सेक्टर) के क्षेत्र में 11,000 करोड़ रुपए की डेयरी प्रसंस्करण और अवसंरचना विकास निधि से एक महत्त्वाकांक्षी योजना शुरु की गई है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर देश में यूरिया का उत्पादन बढ़ा है वहीं शत प्रतिशत यूरिया के नीम मिश्रित होने से इसकी कालाबाजारी भी रुकी है। गोरखपुर, बरौनी, सिंदरी, तालचर और रामागुंडम उर्वरक कारखानों को फिर से शुरू कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। कृषि उत्पादन बढाने के लिए कई योजनाएं शुरु की गई है जिससे खेती की लागत कम हो रही है। सरकार कई योजनाओं से न केवल किसानों की चिंता कम कर रही हैं बल्कि खेती पर होने वाले उनके खर्च को भी घटाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।

श्री कोविंद ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं का सम्मान कई दशकों तक राजनीतिक लाभ-हानि में उलझा रहा है। मेरी सरकार ने तीन तलाक के संबंध में एक विधेयक संसद में प्रस्तुत किया है। उन्होंने इस विधेयक को जल्द पारित होने की उम्मीद जताई। कोविंद ने कहा कि तीन तलाक पर कानून बनने के बाद मुस्लिम बहन-बेटियां भी आत्मसम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकेंगी। राष्ट्रपति ने समाज के हर कमजोर एवं वंचित वर्ग के उत्थान को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति संवेदनशील मेरी सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है। श्री कोविंद ने कहा कि पिछड़े वर्ग में भी अति पिछड़ों को उच्च शिक्षा और नियुक्तियों का लाभ मिल सके इसके लिए सरकार ने पिछड़े वर्ग के उपश्रेणीकरण के अध्ययन हेतु एक आयोग का गठन किया है।

राष्ट्रपति ने देश के आर्थिक एकीकरण के संदर्भ में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का जिक्र करते हुए कहा कि कीमतों के कम होने का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंच सके इसके लिए मेरी सरकार द्वारा एक राष्ट्रीय संस्था का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने और उसमें पारदर्शिता लाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसके लिए 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के पूंजी निवेश के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का री-कैपिटलाइजेशन करने का निर्णय भी किया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है। इसी कड़ी में पिछले एक वर्ष में लगभग 3.5 लाख कंपनियों का पंजीकरण निरस्त किया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि कमजोर वर्गों के लिए समर्पित मेरी सरकार देश में सामाजिक न्याय तथा आर्थिक लोकतंत्र को सशक्त करने और आम नागरिक के जीवन को आसान बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘तुष्टीकरण नहीं सशक्तीकरण’ के संकल्प के साथ सरकार अल्पसंख्यकों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तीकरण की दिशा में मजबूती से काम कर रही है।

Updated : 2018-01-29T05:30:00+05:30
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