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दुनिया के सबसे बड़े भूकंप कब और कहाँ-कहाँ आये, पढ़िए पूरी खबर

दुनिया के सबसे बड़े भूकंप कब और कहाँ-कहाँ आये, पढ़िए पूरी खबर
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- चीन के शांशी प्रांत में 1556 में आए भूकंप को मानव इतिहास का सबसे जानलेवा भूकंप कहा जाता है। भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 8 थी जिसमें 830000 लोगों की जान गई थी। इस भूकंप से कई जगहों पर जमीन फट गई भूस्खलन हुए।

- 1920 में चीन के हैयुआन में आए करीब 7.8 तीव्रता वाले भूकंप के झटके हजारों किलोमीटर दूर नॉर्वे तक महसूस किये गए थे | इसमें हैयुआन प्रांत के 2 लाख लोगों की मौत हुई थी। हैयुआन के पड़ोसी प्रांत शीजी में भूस्खलन से एक पूरा गांव दफन हो गया था।

- 5,अक्टूबर 1948 को तुर्कमेनिस्तान का अस्गाबाद इलाका शक्तिशाली भूकंप की चपेट में आया था जिसकी तीव्रता 7.3 थी। इस भूकंप ने अस्गाबाद और उसके आसपास के गांवों को भारी नुकसान पहुंचाया था । कई ट्रेनें भी हादसे की शिकार हुईं थीं | इस भूकंप से 1,10,000 लोगों की जान गई थी।

- चीन की राजधानी बीजिंग से करीब 100 किलोमीटर दूर तांगशान में आए भूकंप ने 2,55,000 लोगों की जान ली थी | गैर आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों की संख्या 6 लाख से ज्यादा थी। 7.5 तीव्रता वाले उस भूकंप ने बीजिंग तक अपना असर दिखाया था।

- दिसंबर 2004 को 9.1 तीव्रता वाले भूकंप ने इंडोनेशिया में खासी तबाही मचाई थी। इस आपदा में 2,27,898 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 17 लाख लोग विस्थापित भी हुए। इस भूकंप ने भारत श्रीलंका, थाइलैंड और इंडोनेशिया में जान माल को काफी नुकसान पहुंचाया था। सबसे ज्यादा नुकसान इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में हुआ था ।

-कश्मीर, 2005 में भारत और पाकिस्तान के विवादित इलाके कश्मीर में 7.6 तीव्रता वाले भूकंप ने कम से कम 88 हजार लोगों की जान ली| सुबह-सुबह आए इस भूकंप के झटके भारत, अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान और चीन तक महसूस किए गए | पाकिस्तान में करीब 87 हजार लोगों की मौत हुई। भारत में 1,350 लोग मारे गए।

-सिंचुआन, 2008 में 87,000 से ज्यादा लोगों की जान गई | करीब एक करोड़ लोग विस्थापित हुए। 7.9 तीव्रता वाले भूकंप ने 10,000 स्कूली बच्चों की भी जान ली थी। चीन सरकार के मुताबिक भूकंप से करीब 86 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।

-2010 में हैती में रिक्टर पैमाने पर 7 तीव्रता वाले भूकंप ने 2,22,570 की जान गई थी। एक लाख घर तबाह हुए थे 13 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा था। हैती आज भी पुनर्र्निर्माण में जुटा है।

-25 अप्रैल 2015 को सुबह 11 बजकर 56 मिनट पर नेपाल में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था। इस विनाशकारी भूकंप में 9,000 से ज्यादा लोग मारे गए और 23,000 से ज्यादा घायल हुए। इसका केंद्र नेपाल से 38 किलोमीटर दूर लामजुंग में था।

- 19 सितम्बर 1985 में आया विनाशकारी भूकंप प्रशांत महासागर के मिकोअकान के पास आया था। इसमें मरने वालों की संख्या मेक्सिको सरकार के मुताबिक 3692 थी, जबकि मेक्सिको की रेड क्रॉस संस्था का कहना था कि 10,000 से ज्यादा लोगों की जानें गई थीं। इस भारी तबाही से ध्वस्त हो गई इमारतों को फिर से बनाया गया और कुछ जगहों पर पार्क या कला संस्कति केंद्र बनाए गए। साथ ही इस भूकंप से सबक लेते हुए मेक्सिको सरकार ने इमारतें बनाने के लिए नए नियम कानून भी बनाए गए।

Updated : 2017-09-21T05:30:00+05:30
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