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परीक्षा परिणाम के लिए चक्कर काट रहे हैं विद्यार्थी

परीक्षा परिणाम के लिए चक्कर काट रहे हैं विद्यार्थी
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-जीवाजी विश्वविद्यालय में नहीं थम रही लापरवाही
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। विवि के कर्मचारियों की गलती के कारण सैकड़ों छात्र आये दिन विवि के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उसके बाद भी छात्रों की परेशानी दूर नहीं हो रही है और छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।

फिर भी विवि की कुलपति विवि के अधिकारियों व कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई न करने के बजाय विरोध करने वाले छात्र पर ही कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसी के चलते विवि के कर्मचारी की लापरवाही का एक और मामला सामने आया, जिसमे एक महाविद्यालय के एमएससी चतुर्थ सेमेस्टर के पूरे छात्रों का रिजल्ट विथहेल्ड में डाल दिया गया। जिसको लेकर छात्र अब विवि के चक्कर काट रहे हैं और उनकी कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय से संबद्ध गुना शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एमएससी रसायनशास्त्र चतुर्थ सेमेस्टर में अध्ययनरत छात्रों ने जून माह में परीक्षा दी थी। इसके बाद छात्रों की प्रायोगिक एवं प्रोजेक्ट की परीक्षा जुलाई में कराई गई। परीक्षा देरी से होने के कारण महाविद्यालय छात्रों के प्रायोगिक व प्रोजेक्ट के अंक आॅनलाइन अपडेट नहीं कर सका। जिसको लेकर महाविद्यालय के प्राचार्य ने विगत माह 20 जुलाई को सभी छात्रों के अंक विवि में भिजवा दिए थे। जिस पर विवि के परीक्षा नियंत्रक ने अंकों को अनुमोदित कर संबंधित शाखा में भेज दिए थे। लेकिन विवि के कर्मचारी लखनलाल ने छात्रों के न तो अंक चढ़वाए और न ही आॅनलाइन भिजवाए। जिस कारण सभी छात्रों का परीक्षा परिणाम विथहेल्ड कर दिया गया। जिस कारण छात्र परीक्षा परिणाम घोषित कराने के लिए विवि के चक्कर काट रहे हैं, इतना ही नहीं इस संबंध में महाविद्यालय के प्राचार्य ने विवि प्रशासन को पत्र भी लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि अंक समय पर भेजने के बाद भी परीक्षा परिणाम क्यों रोक दिया गया, जिस कारण छात्र परेशान हो रहे हैं। पत्र विवि के उप-कुलसचिव के पास पहुंचने के बाद जब उन्होंने इस मामले को दिखवाया तो कर्मचारी लखनलाल की लापरवाही सामने आई। जिस पर संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है।

प्राचार्य ने भेजा पत्र तो हरकत में आए अधिकारी

इस मामले में सबसे बड़ी बात तो यह है कि परीक्षा परिणाम घोषित कराने के लिए छात्र कई दिनों से विवि के चक्कर काट रहे हैं। छात्र विवि के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक से गुुहार लगा चुके हैं। यहां तक कि छात्र गुना से ग्वालियर कई बार आ चुके हैं। फिर भी उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया, जिसके बाद महाविद्यालय के प्राचार्य को विवि के कुलसचिव के नाम से पत्र भेजना पड़ा। जिसके बाद जीवाजी विवि प्रशासन हरकत में आया और परीक्षा परिणाम घोषित कराने के निर्देश भी दिए।

अगर आवेदन वापस नहीं लिया तो शिक्षकों का करेंगे मुंह काला

मामला अंकसूची न मिलने पर छात्र द्वारा आत्मदाह के प्रयास का

जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन से परेशान होकर आत्मदाह का प्रयास करने वाले छात्र के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए विवि कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला द्वारा थाने में आवेदन देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिसको लेकर एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने प्रभारी कुलसचिव को हिदायत दी है कि अगर जल्द ही आवेदन वापस नहीं लिया जाता है तो शिक्षकों का काला मुंह करेंगे। जीवाजी विश्वविद्यालय में कई दिनों से अपनी अंकसूची को लेकर चक्कर काट रहे छात्र जयराम मिश्रा की जब अंकसूची नहीं मिली तो वह अपनी मां डॉ. जयमाला मिश्रा के साथ विगत 16 अगस्त को विवि पहुंच गया और प्रशासनिक भवन में आत्मदाह का प्रयास किया। जिस पर कार्रवाई करने के लिए कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने विगत दिवस ही थाने में आवेदन भिजवाया था। जिसकी जानकारी एनएसयूआई को लगी तो एनएसयूआई के जिला महासचिव शैलेन्द्र गुर्जर शुक्रवार को अपने अन्य छात्र नेताओं के साथ विवि पहुंच गए। जहां उन्होंने प्रभारी कुलपति प्रो. आर.जे. राव से कहा कि विवि न तो समय पर परीक्षा करा पा रहा है और न ही परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो रहे हैं। जिससे परेशान होकर छात्रों को आत्मदाह जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। छात्र नेता शैलेन्द्र ने यह भी कहा कि छात्र पिछले एक महीने से विवि के चक्कर काट रहा था, लेकिन जब उसने आत्मदाह करने का प्रयास किया तो एक घण्टे में ही उसकी अंकसूची दे दी गई। छात्रनेता ने प्रभारी कुलसचिव को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही थाने से आवेदन वापस नहीं लिया गया तो प्रोफेसरों का मुंह काला करेंगे।

बेटे की परेशानी लेकर पहुंची मां ने कहा-कक्षाएं नहीं ले पाएगा बेटा

विश्वविद्यालय में छात्रों की परेशानी यहीं नहीं थमती शुक्रवार को एक मां अपने बेटे की परेशानी लेकर परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंची और आवेदन दिया। मां का कहना था कि अगर उसके बेटे का परीक्षा परिणाम समय पर घोषित नहीं किया जाता है तो वह कक्षाएं नहीं ले पाएगा। जानकारी के अनुसार इंस्टीट्यूट आॅफ प्रोफेशनल स्टडीज के बीसीए छटवे सेमेस्टर में छात्र फैल हो गया था। जिस पर उसने रीओपन के लिए आवेदन किया और आईटीएम यूनिवर्सिटी में एमसीए में अस्थायी प्रवेश ले लिया। छात्र को कॉपी दिखाने के लिए परीक्षा भवन बुलाया गया। लेकिन रिजल्ट अभी तक घोषित नहीं किया है, जिससे छात्र कई दिनों से चक्कर लगा रहा है। इसी के चलते शुक्रवार को छात्र की मां विवि पहुंची और कहा कि उसके बेटे ने आईटीएम विश्वविद्यालय में एमसीए में प्रवेश लिया है, अगर जल्द ही उसका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया तो वह कक्षाएं नहीं ले पाएगा। जिस पर परीक्षा नियंत्रक ने आवेदन लेकर प्रभारी कुलसचिव प्रो. राव को मामले से अवगत कराया, जहां उन्होंने जल्द परीक्षा परिणाम घोषित कराने का आश्वासन छात्र को दिया।

Updated : 19 Aug 2017 12:00 AM GMT
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