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भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत 'सड़क का गुंडा' है

भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत सड़क का गुंडा है
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नई दिल्ली। इतिहासकार पार्थो चटर्जी के बाद अब कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को 'सड़क का गुंडा' कह कर संबोधित किया है। इस पर केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री किरण रिजिजू ने कड़ा ऐतराज जताया है| उन्होंने पूछा कि ऐसी हिम्मत कैसे हुई।

दरअसल पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा की सीमा पर बयानबाजी का जिक्र करते हुए संदीप दीक्षित ने ये तुलना की। हालांकि बयान सामने आने के बाद किरकिरी से बचने के लिए कांग्रेस पार्टी ने संदीप दीक्षित के बयान से खुद को अलग करने का फैसला किया है।

संदीप दीक्षित ने कहा, 'हमारी सेना सशक्त है। जब भी पाकिस्तान वहां हरकत करता है सेना उसको जवाब देती है यह सबको मालूम है। वो दूसरी बात है कि आज के प्रधानमंत्री, आज लोग इस बात को ज्यादा जोर से चिल्लाते हैं, लेकिन हमारी सेना सशक्त है और हमेशा हमने सीमा पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। आज की बात नहीं यह पिछले 70 साल से चला आ रहा है। पाकिस्तान एक ही चीज कर सकता है कि इस तरह की उलूल-जुलूल चीजें करे, बयानबाजी करे। खराब तब लगता है जब हमारे थल सेना अध्यक्ष सड़क के गुंडे की तरह अपने बयान देते हैं। पाकिस्तान का दे तो दे...वो तो हैं ही। पाकिस्तान फौज में क्या रखा है वे तो माफिया टाइप के लोग हैं, लेकिन हमारे सेना अध्यक्ष भी इस तरह के बयान क्यों देते हैं।'

वहीं संदीप दीक्षित के इस बयान पर केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री किरण रिजिजू ने पलटवार करते हुए ट्वीट कर कहा, ‘कांग्रेस पार्टी को क्या हुआ है? कांग्रेस भारतीय सेना प्रमुख को सड़क का गुंडा कहने की हिम्मत कैसे कर सकती है।‘ इससे पहले पिछले दिनों इतिहासकार पार्थो चटर्जी ने अपने एक लेख में कश्मीर में मानव ढाल वाली घटना के संदर्भ में जनरल रावत की तुलना डायर से कर दी थी। सेना के पूर्व अफसरों की तरफ से इसकी तीखी आलोचना की गई। वहीं पार्थो चटर्जी ने कहा था कि वह अपने विचारों पर कायम हैं।

ब्रिटिश जनरल डायर जलियांवाला बाग गोलीकांड के लिए कुख्यात है, जिसमें निरीह और निहत्थे भारतीयों को मार दिया गया था। चटर्जी ने वेबसाइट वायर के लिए 2 जून को लिखे गए लेख में लिखा था कि कश्मीर 'जनरल डायर मोमेंट' से गुजर रहा है। उन्होंने तर्क दिया है कि 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड के पीछे ब्रिटिश सेना के तर्क और कश्मीर में भारतीय सेना की कार्रवाई (मानव ढाल) का बचाव, दोनों में समानताएं हैं।

Updated : 2017-06-12T05:30:00+05:30
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