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दो वर्ष में मनीऑर्डर की राशि नहीं पहुँची


मथुरा। दो वर्ष से दो हजार रूपये का मनीऑर्डर न पहुंचे को लेकर डाक विभाग से जूझ रहे पीडि़त ने अब प्रधानमंत्री का दरवाजा खटखटाया है। रायपुर से बल्देव भेजा गया मनीऑर्डर मथुरा से रिसीव कराकर विभाग ने अपनी कार्य कुशलता का नमूना पेश कर ग्रामीण को संकट में डाल दिया।

बल्देव निवासी बलभद्र ने तहसील मिलक जिला रामपुर (यूपी) से 2015 जून माह में दो हजार रूपये का लता देवी के नाम बल्देव के लिए मनीआर्डर किया था। सबूत के तौर डाक विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक रसीद प्रिन्ट कर दी जिसकी सं. 131207150602000728 है, लेकिन लता के पास दो हजार न पहुंचने की जानकारी बलभद्र को दो सप्ताह बाद लगी तो वह फिर जिला रामपुर उपडाकघर पहुंचे। यहां डाककर्मियों ने बलभद्र को मथुरा मैन पोस्ट ऑफिस मनीऑर्डर पहुंचने की जानकारी देकर टरका दिया। जब वह मथुरा के मैन डाकघर पहुंचे तो पता चला कि मनीआर्डर मथुरा में ही रिसीव हो गया। यह सुनकर उनके होश उड़ गये। उन्होंने जानकारी दी कि मनीआर्डर तो बल्देव के लिए किया था तो फिर मथुरा कैसे रिसीव हो गया। इसकी जानकारी कर्मियों ने डाक के एसएसपी को तो दी लेकिन एसएसपी ने अगले दिन आने की कहकर टरका दिया।

अगले दिन बलभद्र पहुंचे तो डाक विभाग एसएसपी ने लिखित शिकायत करने को कहा। एसएसपी के कहने पर लिखित शिकायत की गई और शिकायत नं. 281000-07808 पर जांच करने का आश्वासन मिला। शिकायत करते करते बलभद्र को दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन डाक विभाग के अफसरों ने अब तक गहनता से जांच तक नहीं की है। आज भी बलभद्र ने दो हजार रूपयों को पाने के हार नहीं मानी है। उनका कहना है कि वह दो हजार रूपये विभाग से वसूल कर ही रहेंगे। चाहे उन्हें कुछ भी करना पड़े।
बलभद्र ने बताया कि डाक विभाग के अफसरों के कान पर अब जूं न रेंगने की शिकायत उन्होंने प्रधानमंत्री से की है। उन्हें प्रधानमंत्री से उम्मीद है कि वह शिकायत पर संज्ञान लेकर विभाग अफसरों कार्यवाही को बाध्य होंगे तथा दो हजार का भुगतान भी करायेंगे।

Updated : 2017-04-10T05:30:00+05:30
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