Top
Home > Archived > क्यों प्रतिदिन करते है तुलसी पूजन

क्यों प्रतिदिन करते है तुलसी पूजन

क्यों प्रतिदिन करते है तुलसी पूजन

स्कंद पुराण के अनुसार जिस घर में तुलसी का बगीचा होता है (एवं प्रतिदिन पूजन होता है), उसमें यमदूत प्रवेश नहीं करते....

पद्म पुराण में आता है कि कलियुग में तुलसी का पूजन, कीर्तन, ध्यान, रोपण और धारण करने से वह पाप को जलाती है और स्वर्ग एवं मोक्ष प्रदान करती है।

पद्म पुराण के उत्तर खंड में आता है कि कैसा भी पापी, अपराधी व्यक्ति हो, तुलसी की सूखी लकडिय़ां उसके शव के ऊपर, पेट पर, मुंह पर थोड़ी-सी बिछा दें और तुलसी की लकड़ी से अग्नि शुरू करें तो उसकी दुर्गति से रक्षा होती है। यमदूत उसे नहीं ले जा सकते।

गरुड़ पुराण में आता है कि तुलसी का पौधा लगाने, पालन करने, सींचने तथा ध्यान, स्पर्श और गुणगान करने से मनुष्यों के पूर्व जन्मार्जित पाप जल कर विनष्ट हो जाते हैं।

मृत्यु के समय जो तुलसी-पत्ते सहित जल का पान करता है वह सपूर्ण पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक में जाता है। दरिद्रता मिटाने व सुख-सपदा पाने हेतु जो दारिद्रय मिटाना व सुख-संपदा पाना चाहता है उसे शुद्ध भाव व भक्ति से तुलसी के पौधे की 108 परिक्रमा करनी चाहिए। ईशान कोण में तुलसी का पौधा लगाने से बरकत होती है।

Updated : 2017-03-05T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top