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क्या सामने आ सकेगा किसानों से धोखाधड़ी का सच?, समकक्ष को सौंपी घोटाले की जांच

क्या सामने आ सकेगा किसानों से धोखाधड़ी का सच?, समकक्ष को सौंपी घोटाले की जांच

ग्वालियर| ग्वालियर जिले के चार गांवों में होने वाली पान की खेती के बरेजा (उद्यान) तैयार करने हेतु किसानों को दिए जाने वाले अनुदान में दुकानदार के साथ मिलकर किए गए घोटाले, पात्र किसानों को योजना से वंचित रखकर प्रभावशाली लोगों को एक ही बरेजा पर परिवार के एक से अधिक लोगों को अनुदान दिए जाने का खुलासा ‘स्वदेश’ द्वारा किए जाने के बाद संचालक उद्यान ने उप संचालक उद्यान ग्वालियर को मामले की जांच के आदेश दिए थे। संयुक्त संचालक ने स्वयं जांच नहीं करते हुए अपने अधीनस्थ और आरोपी सहायक संचालक के समकक्ष नूराबाद में पदस्थ सहायक संचालक उद्यान शैलेन्द्र शर्मा से जांच कराई जा रही है। सहायक संचालक पद पर पदस्थ अधिकारी अपने समकक्ष अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच कैसे कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि ‘स्वदेश’ ने ग्वालियर जिले के पान की खेती वाले चारों गांव बिलौआ, आंतरी, बरई और पनिहार में पान के बरेजा बनाने हेतु किसानों को दिए जाने वाले अनुदान में अधिकारियों द्वारा दुकानदार से सांठगांठ कर फर्जी तरीके से भुगतान कराकर किसानों को ठग लिया और शासन को लाखों रुपए का चूना लगा दिया। खबर पर संज्ञान लेते हुए संचालक उद्यान श्री सत्यानंद ने उप संचालक उद्यान आर.बी. राजौदिया को जांच के आदेश दिए थे। श्री राजौदिया ने मामले की जांच स्वयं नहीं करते हुए सहायक संचालक शैलेन्द्र शर्मा को जांच अधिकारी बना दिया। शुक्रवार को श्री शर्मा ने संदलपुर पहुंचकर जांच शुरू की, लेकिन सवाल उठता है कि समकक्ष अधिकारी के विरुद्ध आरोप की जांच श्री शर्मा कितनी ईमानदारी से कर सकेंगे।

जिन्होंने की गड़बड़ी, उन्होंने दिखाया रास्ता
संदलपुर में पान बरेजा की खेती में किसानों के अनुदान का बंदरबांट करने में जिन अधिकारियों और दलाल का हाथ रहा। वही अधिकारी और दलाल शुक्रवार को जांच अधिकारी श्री शर्मा को जांच के लिए किसानों के बीच लेकर पहुंचे। सबसे खास बात यह है कि वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारियों के माध्यम से यह हेरफेर का खेल आरंभ हुआ, जो जांच अधिकारी को किसानों के बीच लेकर पहुंचे और अपने हिसाब से बातचीत और नापजोख व फोटो कराए। सूत्र बताते हैं कि किसानों के खाते में गवन का मुख्य सूत्रधार दलाल राजेश सेन भी जांच के दौरान स्थल पर मौजूद रहा।

लेखापाल और उद्यान विकास अधिकारी निलंबित
पान बरेजा में गड़बड़ी के आरोपों से घिरे सहायक संचालक उद्यान रूपसिंह भदौरिया ने अपने कारनामों का ठीकरा अधीनस्थ कर्मचारियों पर फोड़ते हुए जिलाधीश को अधीनस्थों के विरुद्ध मौखिक शिकायत कर दी। परिणाम स्वरूप जिलाधीश डॉ. संजय गोयल ने उद्यान विभाग के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी घाटीगांव रामनिवास यादव और लेखापाल माताप्रसाद शाक्य को निलंबित कर दिया।

इनका कहना है
‘जांच तो मैं कर रहा हूं। सहायक संचालक शैलेन्द्र शर्मा स्थल पर से रिकार्ड लेने गए हैं। एसडीएम या क्लास वन आॅफीसर की जांच कलेक्टर भी एसडीएम या तहसीलदार को भेजकर कराते हैं। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी। मैं सब देखूंगा। इसके बाद ही जांच प्रतिवेदन बनाऊंगा।’

आर.बी. राजौदिया
उप संचालक उद्यान ग्वालियर

Updated : 2017-03-25T05:30:00+05:30
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