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अब राष्ट्रीय धरोहरों पर नहीं दिखेगी गंदगी, बनाया स्वच्छ पर्यटन एप

अब राष्ट्रीय धरोहरों पर नहीं दिखेगी गंदगी, बनाया स्वच्छ पर्यटन एप

ऐतिहासिक धरोहरों को खूबसूरत रखने बनाई योजना

ग्वालियर| अब ग्वालियर और उसके आसपास की राष्टÑीय धरोहरों पर पर्यटकों को गंदगी का नामोनिशान नहीं दिखाई देगा। केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने सभी ऐतिहासिक धरोहरों को खूबसूरत रखने स्वच्छ पर्यटन एप हाल ही में शुरू किया है।

इसमें ग्वालियर का किला, तिघरा बांध, मितावली, पड़ावली, मोहम्मद गोस साहब का मकबरा समेत ओरछा और इसके आसपास के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) के तहत आने वाले प्रमुख स्मारकों को शामिल किया गया है। स्वच्छ पर्यटन मोबाइल एप पर्यटन मंत्रालय द्वारा डीईजीएस तथा एनआईसी के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जिससे ऐतिहासिक धरोहरों को खूबसूरत रखा जा सके। यह मोबाइल एप स्वच्छ पर्यटन के रूप में गूगल सर्च इंजन पर उपलब्ध है। यह केवल एनड्रॉयड फोन पर उपलब्ध है। इस एप की देखरेख पर्यटन मंत्रालय में स्वच्छ भारत मिशन की परियोजना निगरानी इकाई द्वारा की जाएगी।

ऐसे करेगा कार्य
बताया जाता है कि पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय इस मोबाइल एप को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे। मोबाइल एप पर पर्यटक गंदे स्थानों के फोटो लेकर अपनी टिप्पणियों के साथ अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद एएसआई के अधिकारी को एक एसएमएस भेजेगा। इसके बाद पर्यटकों के बताए स्थान से गंदगी हटाई जाती है।

पर्यटकों को मदद देने का निर्णय
जानकारी के अनुसार स्मारकों को स्वच्छ बनाए रखने में पर्यटकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, लेकिन पर्यटन मंत्रालय ने जन-साधारण को मदद देने का निर्णय लिया है ताकि लोग पर्यटन क्षेत्रों के आस-पास के क्षेत्रों में गंदगी की शिकायत कर सकेंगे। इसीलिए पर्यटन मंत्रालय ने यह मोबाइल एप शुरू किया है,ताकि राष्ट्रीय धरोहर अपनी वैभवता को बनाए रख सकें और उनकी सुंदरता पर कोई दाग नहीं लग सके। इसको लेकर पर्यटकों से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं।

मुफ्त इंटरनेट के पीछे सफ ाई की योजना
बताया जाता है कि पर्यटन विभाग और एएसआई ने किला पर पर्यटकों को मुफ्त वाईफाई की सुविधा देना शुरू कर दी है। इस सुविधा से पर्यटक स्वच्छ पर्यटन एप पर भ्रमण के दौरान गंदगी या वैभवता को खराब दिखाने वाले फोटो अपलोड कर सकेंगे। एप पर गंदगी का फोटो आने के बाद इसे तुरंत ही साफ कराया जा सकेगा उसके बाद सफाई वाले स्थान का फोटो भी विभाग द्वारा अपलोड किया जाएगा।

इन्होंने कहा
स्वच्छ पर्यटन एप बहुत जल्द शुरू हो जाएगा। इसके पीछे शासन की योजना है कि किला समेत अन्य राष्टÑीय स्मारकों पर सफाई को ज्यादा महत्व दिया जा सके।

आरके राय
क्षेत्रीय प्रबंधक
मप्र पर्यटन विकास निगम

Updated : 2017-02-04T05:30:00+05:30
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