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अरुण जेटली बोले - टूजी घोटाले के आरोपियों को रिहा करना ईमानदारी का सर्टिफिकेट नहीं

अरुण जेटली बोले - टूजी घोटाले के आरोपियों को रिहा करना ईमानदारी का सर्टिफिकेट नहीं

नई दिल्ली। टूजी घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि आरोपियों को रिहा किये जाने का मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस को ईमानदारी का सर्टीफिकेट मिल गया है।

जेटली ने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन के दौरान अनियमितता बरती गई थी और मनमाने ढंग से लाइसेंस का आवंटन किया गया था, जिसे उच्चतम न्यायलय ने भी स्वीकारा था। वित्तमंत्री ने कहा, ‘आज जो टूजी का फैसला आया है कांग्रेस नेतृत्व ऐसे व्यवहार कर रहा है जैसे उसे कोई सम्मान पत्र मिल गया हो।’ उन्होंने कहा कि बिना बाजार का अध्ययन किए ही 2001 के आधार पर 2007 में स्पेक्ट्रम निलामी की नीति बनाई गई। इसके अलावा मनमाने ढंग से नियमों में बदलाव कर कुछ को लाभ पहुंचाया गया। आवंटन को 2012 में उच्चतम न्यायालय ने भी मनमाना ठहराया और नीलामी के माध्यम से स्पेक्ट्रम आवंटित करने को कहा।

जेटली ने कहा कि बाद में नीलामी प्रक्रिया अपनाने से देश को राजस्व के तौर पर 2015 में एक लाख 10 हजार करोड़ मिला और 2015 में 65 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि यह नीति ऐसी थी जिससे भ्रष्टाचार बढ़ रहा था और स्वभाविक था कि उससे नुकसान भी हो रहा था। उन्हें लगता है कि मामले की जांच कर रही एजेंसी विषय को समझ कर आगे क्या करना इस पर निर्णय लेगी।

Updated : 2017-12-21T05:30:00+05:30
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