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मैक्स लाइसेंस रद्द मामला : डीएमए ने दी हड़ताल की धमकी

मैक्स लाइसेंस रद्द मामला : डीएमए ने दी हड़ताल की धमकी
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नई दिल्ली। शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल के खिलाफ दिल्ली सरकार की कार्रवाई की निंदा करते हुए दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) ने कहा है कि अगर अस्पताल के लाइसेंस को सरकार तत्काल बहाल नहीं करती व अस्पताल प्रबंधन काम से हटाए गए दो डॉक्टरों को फिर से बहाल नहीं करता तो वह आगामी सोमवार से निजी और सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि आकस्मिक व शल्य चिकित्सा सेवा के अतिरिक्त अन्य सभी चिकित्सा सेवा से डॉक्टर विरत रहेंगे।

डीएमए के अध्यक्ष डॉ विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा मैक्स का लाइसेंस रद्द करना असहनीय कार्रवाई है। इसलिए उनका संगठन चिकित्सा सेवा को रोकने के लिए मजबूर है। डॉ मल्होत्रा ने डीएमए के कार्यालय परिसर में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि डॉक्टरों को उन अपराधों के लिए दोषी करार दिया जाता है जिसके लिए वे दोषी ही नहीं हैं।

डॉ मल्होत्रा ने कहा कि 24 सप्ताह के नवजात शिशु को किसी भी स्थिति में बचाया नहीं जा सकता क्योंकि अगर वह बचता है तो उसमें कई तरह की विकृतियां आ सकती हैं। ऐसे नवजात शिशु को यदि जीवन रक्षक प्रणाली द्वारा बचाने का प्रयास किया जाता है तो इसके लिए उसके मां-बाप की अनुमति जरूरी है। डॉ मल्होत्रा ने कहा कि मैक्स अस्पताल के मामले में भी गर्भ 24 सप्ताह का था और उसके मां-बाप ने इसकी स्वीकृति नहीं दी।

इस दौरान मैक्स अस्पताल के संबंधित डॉक्टरों को बर्खास्त किए जाने संबंध में पूछे गए सवाल का कोई समुचित उत्तर नहीं दिया। डॉ मल्होत्रा ने कहा कि राजनेता, मीडिया व समाज के अन्य समुदाय आज डॉक्टरों को हत्यारा, धोखेबाज व लुटेरा कहकर पुकारते हैं, ये किसी भी हिसाब से जायज नहीं है। अपने वोट के लिए नेता डॉक्टरों पर जिस तरह का आक्षेप करते हैं वह पूरी चिकित्सकीय बिरादरी की अवमानना है।

दिल्ली में डॉक्टरों के साथ मरीजों के परिजनों के दुर्व्यवहार की घटनाओं की चर्चा करते हुए डॉ मल्होत्रा ने कहा कि हर तरह से सिर्फ डॉक्टरों को ही दोषी माना जाता है, यह कहां तक जायज है।

गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल के मामले की चर्चा करते हुए डॉ मल्होत्रा ने कहा कि इस मामले में भी अस्पताल के साथ नाइंसाफी हो रही है। हरियाणा की भाजपा सरकार की ओर से उठाया गया कदम असहनीय है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बीमार होगा तो उसे दवाई देनी पड़ेगी। इलाज करना पड़ेगा और इलाज में खर्च होगा। फिर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करके सरकार क्या कहना चाहती है।

इस दौरान मौजूद डीएमए के महासचिव डॉ सतीश त्यागी ने कहा कि मैक्स के मामले में सरकार को अस्पताल के लाइसेंस को रद्द करने के पूर्व इसका कारण बताना चाहिए था लेकिन उसने एेसा नहीं किया।

सरकारी चिकित्सा सेवा संगठन के चेयरमैन डॉ राजीव सूद ने ब्रीफिंग के दौरान कहा कि हड़ताल में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक भी शामिल होंगे।

Updated : 2017-12-10T05:30:00+05:30
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