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सावधान! बाजार में आई नकली चांदी

सावधान! बाजार में आई नकली चांदी
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-थोक में कलकत्ता, मथुरा, दिल्ली और आगरा से मंगवाया माल
-मामला सराफा बाजार का
ग्वालियर। धनतेरस के पर्व को मात्र एक दिन का समय शेष बचा है। सराफा बाजार के कुछ बड़े सराफा व्यापारियों ने धनतेरस पर मोटा माल कमाने के लिए चांदी के नकली सिक्के और सोने के कम स्टेण्डर्ड के सिक्के बाजार में मंगा लिए हैं। इन सभी सिक्कों की बिक्री धनतेरस के पर्व पर की जाएगी और मोटा माल तिजोरियों में भरा जाएगा। सूत्रों के अनुसार इन व्यापारियों द्वारा दो नम्बर के रास्ते से चांदी के सिक्के, बर्तन एवं भारी तोड़ियां थोक में कलकत्ता, मथुरा, दिल्ली और आगरा से मंगवा लिए हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1997 में धनतेरस के दिन तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश गुप्ता सराफा बाजार में कुछ दुकानों पर चांदी के सिक्के जांचने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने नकली चांदी के सिक्के भी बरामद किए थे।

उस समय इन व्यापारियों ने सराफा में जमकर हंगामा किया था। उस समय तत्कालीन जिलाधीश वी.पी. सिंह और पुलिस अधीक्षक रामनिवास ने जमकर इन व्यापारियों पर सख्ती बरती थी, लेकिन इतना होने के बावजूद भी इन सराफा व्यापारियों द्वारा आज भी नकली माल बेचने का धंधा किया जा रहा है और शहर की भोली-भाली जनता की आंखों में धूल झोंकी जा रही है।

जानकारों की सलाह

शहर के कुछ जानकार लोगों ने चर्चा के दौरान सलाह दी है कि शहरवासी धनतेरस के पर्व पर सराफा बाजार में जाकर कतर्इं खरीदारी नहीं करें। अगर खरीदारी करना ही है तो त्यौहार के बाद ही करें। जानकारों का कहना है कि धनतेरस के दिन की गई खरीदारी अपने पैसे को पानी में बहाने के समान है। जानकारों का कहना है कि यह व्यापारी चूना लगाने में अपने पहचान वालों को भी नहीं छोड़ते हैं तो ग्राहकों को क्या छोडेंगे?

सिक्कों में होती है बहुत कम चांदी

सराफा बाजार में बिकने वाले चांदी के सिक्कों में चांदी का मात्रा बहुत कम होती है, जबकि मेटल 90 प्रतिशत होता है। इन सिक्कों को कलकत्ता, मथुरा, दिल्ली और आगरा में ढलवाया जाता है। बड़े सराफा व्यापारियों द्वारा 45 से 50 रुपए प्रति सिक्के की दर से खरीदकर 500 रुपए दसग्राम में बेचे जा रहे हैं। बेईमानी का यह खेल लक्ष्मी व गणेश की मूर्ति, लड्डू गोपाल और चांदी के बर्तनों में भी किया जा रहा है।

मेकिंग चार्ज व जीएसटी के नाम पर लूट रहे हैं जनता को

इन व्यापारियों द्वारा शहर की भोली-भाली जनता को सोने पर मेकिंग चार्ज और जीएसटी के नाम पर लूटा जा रहा है। बाजार में लगभग 30 हजार रुपए बिकने वाला सोना ग्राहकों को 32 से 33 हजार रुपए में पड़ रहा है। इसमें खास बात यह है जिस सोने को हमारे द्वारा व्यापारियों से खरीदा जाता है, उसे पुन: उसी व्यापारी को बेचने पर हमें इस सोने का मात्र 60 से 70 प्रतिशत ही पैसा मिलता है। बाकी पैसा सोने में टांका, मेकिंग चार्ज और जीएसटी का काट लिया जाता है।

Updated : 2017-10-16T05:30:00+05:30
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