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दद्दू बनेंगे अध्यक्ष या संत कृपाल सिंह, फैसला आज

दद्दू बनेंगे अध्यक्ष या संत कृपाल सिंह, फैसला आज
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-राजपूत हितकारिणी सभा का चुनाव
ग्वालियर। क्षत्रिय समाज की प्रदेश स्तरीय संस्था राजपूत हितकारिणी सभा के अध्यक्ष पद के लिए मतदान शनिवार 14 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मध्यान्ह 3 बजे तक राजपूत छात्रावास में होगा। समिति के कुल 459 सदस्यों की मतदाता सूची में संशोधन के बाद शेष बचे करीब चार सौ वोटों से अध्यक्ष पद का फैसला शाम करीब 4 बजे तक हो जाने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1995 से राजपूत हितकारिणी सभा के अध्यक्ष संत कृपाल सिंह को हटाने उनके विरोधी पक्ष ने भाजपा नेता धीर सिंह तोमर को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है। जबकि संत कृपाल सिंह के समर्थक फिर से उन्हें सभा का अध्यक्ष बनाने के लिए जोर आजमाइस कर रहे हैं। दोनों ही पक्ष मतदाता सूची में शामिल समाज के लोगों से व्यक्तिगत एवं फोन पर संपर्क कर अपने-अपने प्रत्याशी के लिए मतदान का दबाव बना रहे हैं।

विसराए मतदाताओं को खोजने में जुटे समर्थक

लम्बे समय से सुप्त पड़ी राजपूत हितकारिणी सभा की कार्यकारिणी में शामिल कुछ मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें प्रत्याशी और समर्थक दोनों ही नहीं जानते। इस कारण समर्थक उनके पते के आधार पर एवं रिश्तेदारों, समाज के लोागों से चर्चा कर उनके घरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें अपने प्रत्याशी के समर्थन में मतदान के लिए राजी कर रहे हैं।

संत समर्थक पर गवन का आरोप


राजपूत हितकारिणी सभा के मतदान से एक दिन पूर्व शुक्रवार को उज्जैन से आए उज्जैन छात्रावास के पूर्व प्रबंधक युवराज सिंह पवार ने ग्वालियर में प्रेस से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि उज्जैन में सभा द्वारा संचालित राजपूत छात्रावास में अध्यक्ष संत कृपाल सिंह द्वारा उज्जैन विकास प्राधिकरण के गवन के आरोप में निलंबित सेवानिवृत्त पूर्व संपदा अधिकारी चेतन सिंह परमार को छात्रावास का व्यवस्थापक बना दिया था। तत्कालीन महाराज जीवाजीराव सिंधिया द्वारा छात्रावास को दी गई सात बीघा जमीन जो नगर सुधार न्यास ने सन् 1974 में राजसात की ली थी। क्षत्रिय समाज की मांग पर शासन ने 5 बीघा भूमि छात्रावास को वापस की। इस भूमि के साथ ही 25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति राशि भी दी थी। संत कृपाल सिंह और चेतन सिंह परमार ने मिलकर छात्रावास में चार कमरे और दीवार बनाई। जिसका खर्च 25 लाख रुपये बताकर काम का आॅडिट नहीं कराया तथा पूरे 25 लाख रुपये खर्च होना बता दिया। युवराज सिंह पवार ने बताया कि इस मामले में उन्होंने चेतन सिंह परमार के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया है। श्री पवार ने क्षत्रिय समाज के लोगों से समाज हित में धीर सिंह तोमर के पक्ष में मतदान की अपील भी की।

संत ने किया खण्डन : चेतन सिंह पवार द्वारा संत कृपाल सिंह और उनके समर्थक पर लगाए गए आरोपों का संत कृपाल सिंह ने खण्डन करते हुए चुनाव से पूर्व झूंठे आरोपों से उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया। संत ने आरोप लगाने वाले चेतन सिंह को आपराधिक प्रवृत्ति का बताया।

सूची में संत को ऊपर देख उबले दद्दू समर्थक

शनिवार को होने जा रहे राजपूत हितकारिणी सभा के मतदान के लिए सहायक पंजीयक फर्म एवं संस्थाएं द्वारा छपवाए गए पत्रकों में प्रत्याशी संत कृपाल सिंह को पहले नंबर पर रखा है, धीर सिंह तोमर सूची पर दूसरे नंबर पर हैं। श्री तोमर के समर्थकों को जब यह बात पता चली तो करीब एक दर्जन कारों में बैठकर वह सहायक पंजीयक कार्यालय पहुंच गए। करीब आधा दर्जन लोग सहायक पंजीयक बी.डी.कुबेर के पास पहुंचकर उनसे संत का नाम तोमर से नीचे रखने का दबाव बनाने लगे। श्री कुबेर ने तोमर समर्थकों से कहा कि वह नियम से काम करेंगे। इस बीच सूचना मिलने पर करीब एक दर्जन पुलिस कर्मी कार्यालय में पहुंच गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद धमकाते हुए तोमर समर्थक वापस आ गए।

Updated : 2017-10-14T05:30:00+05:30
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