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सिंधिया कन्या विद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाते है: शर्मा

सिंधिया कन्या विद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाते है: शर्मा
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-नारी शिक्षा के बारे में सोचकर विद्यालय की स्थापना की थी राजमाता ने
-सिंधिया कन्या विद्यालय का 61वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित
ग्वालियर। सिंधिया कन्या विद्यालय भारत के उत्तम विद्यालयों में से एक है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने नारी शिक्षा के बारे में सोचा और एक ऐसे विद्यालय की स्थापना की, जहां छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिए जाते हैं। यह बात गुरुवार को सिंधिया कन्या विद्यालय के 61वें स्थापना दिवस समारोह के समापन अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति ले. जनरल वी.के. शर्मा ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता माधवीराजे सिंधिया ने की।

प्रारंभ में अतिथियों ने विद्यालय की संस्थापक स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं स्व. माधवराव सिंधिया को श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात माधवीराजे सिंधिया ने स्वागत भाषण दिया एवं प्राचार्य निशी मिश्रा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा डॉ. ज्योति बिंदल को विजयाराजे अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आल राउण्डर परफॉरमेंस के लिए गुलशीन कौर मधोक, स्पिरिट आॅफ एसकेवी किनकिनी भट्टाचार्य, कक्षा 12वीं में अधिकतम अंक के लिए विजयलक्ष्मी एवं राउण्ड स्क्वायर अवार्ड से शचि भट्टाचार्य को मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किया। इसके अलावा अमृता नेपरम, यशस्वी बागरिया, एश्वर्य नायक, दीपांशी ठाकुर, राधा अग्रवाल, सुनिधि बत्रा, नंदनी महाजन, निहारिका पी. सिंह, इश्मिता गिरहोत्रा, प्रेरणा सिंघानिया, शिवानी खनका, रितिका कुमार, पारल कुशवाह (सभी कक्षा 12) एवं सताक्षी त्रिशा खेतान, (कक्षा 10) एवं अदिति (मिडिल सेक्शन) को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया। कालीराम ट्रॉफी माधवी सदन और वसुंधरा सदन को प्रदान की गई।

32 छात्राओं ने मंगलम-सुमंगलम गीत की प्रस्तुति दी

कार्यक्रम में सबसे पहले छात्राओं द्वारा शालागीत प्रस्तुत किया गया। इसके बाद विद्यालय की 32 छात्राओं ने मंगलम-सुमंगलम गीत की प्रसतुति दी। छात्राओं ने विभिन्न वाद्य यंत्रों के माध्यम से राग मालिका प्रस्तुत की। इसी क्रम में नृत्य नाटिका वासवदत्ता का मंचन किया गया, जिसे वहां उपस्थित सभी लोगों ने सराहा। नाटक में मुख्य पात्र उप गुरु और वासवदत्ता थे। इस नाटक में आंतरिक सौन्दर्य को दर्शाया गया।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में डॉ. बी.के. गंगवाल, उज्जवला फाल्के, डॉ. ज्योति बिंदल, कीर्ति फाल्के, विद्यालय की प्राचार्य निशि मिश्रा, उप प्राचार्य नैना ढिल्लन, बरसर मयंक मधुकर, कार्यक्रम संयोजक सुषमा भदौरिया, मीडिया प्रभारी वैशाली श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

Updated : 2017-10-13T05:30:00+05:30
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