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सामुदायिक भागीदारी से बनते हैं आदर्श ग्राम

सामुदायिक भागीदारी से बनते हैं आदर्श ग्राम
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बड़वानी। बड़वानी विकासखण्ड के ग्राम धमनई को प्रशासन द्वारा आदर्श ग्राम बनाने की पहल वर्ष 2014-15 में गई थी, जिसे सामाजिक भागीदारी, ग्राम पंचायत, स्कूल छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विद्यालय के सक्रिय शिक्षकों द्वारा चुनौती के रूप में लेकर ग्राम को खुले में शौच से मुक्त ग्राम बनाया गया है। इस उपलब्धि पर ग्राम में शनिवार को उत्साह मनाया गया और विशाल रैली निकाली गई।


जन अभियान परिषद् बड़वानी द्वारा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम अंतर्गत बी.एस.डब्ल्यू समाजकार्य पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्रों में नेतृत्व क्षमता विकास के लिये ग्राम में समन्वित कार्यक्रमों का आयोजन कर स्वच्छता अभियान, स्कूल चलें हम तथा जिम्मेदारी के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम माध्यमिक विद्यालय धमनई में रखा गया। जिसके तहत स्कूल परिसर में वृक्षारोपण, रैली व स्वच्छता संवाद आयोजित कर वृक्षों की सुरक्षा एवं ग्राम स्वच्छता का संकल्प लिया। वृक्षारोपण के लिये पौधे सम विकास सेवा संस्थान द्वारा उपलब्ध कराये गये।

इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक जन अभियान परिषद् धर्मेन्द्र गुप्ता ने बताया कि स्थानीय शासकीय इकाईयों के समन्वय से ग्रामीणों में ग्राम विकास के प्रति जन जागरूकता लाने व शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये समाजकार्य विद्यार्थी अहम भूमिका कर सकते हैं।


कार्यक्रम संयोजक तथा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास परामर्शदाता नीता दुबे द्वारा स्कूल में हाथ धुलाई के छ: चरणों का प्रदर्शन छात्रों से करवाया तथा हर बच्चे से अपने घर व आसपास के निवासियों में स्वच्छता की प्रवृत्ति को अपनी दैंनदयनी बनाने पर जोर देकर शाला त्यागी बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिये बाल केबिनेट के साथ समाजकार्य विद्यार्थी को भी संबद्ध करने की बात कही। उन्होने बताया कि शाला में गठित बाल केबिनेट के पदाधिकारी राकेश कुमार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण के दायित्व केबिनेट के अन्य सदस्यों को सौपे गए है।

स्कूल प्रधानाध्यापक दिलीप दुबे ने बताया कि ग्राम को खुले में शौच मुक्त ग्राम बनाने में स्कूल के छात्रों की बाल सेना ने अहम् भूमिका का निर्वहन किया है तथा ग्राम में आदर्श ग्राम योजना के तहत पहाड़ी पर खोदे गए गड्डों में बच्चों एवं शिक्षकों की टीम ने लगभग 10 किलो निम्बोलियो का रोपण किया है, जो आज नन्हे पौधों के रूप में आकार ले रहे हैं।

Updated : 2016-09-04T05:30:00+05:30
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