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अब स्मार्ट मीटर रोकेंगे बिजली चोरी

स्वचालित रूप से इंटरनेट के माध्यम से होगी रीडिंग

ग्वालियर। इलैक्ट्रोनिक और डिजिटल मीटरों के बाद बिजली कम्पनी अब उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने की तैयारी कर रही है। यह एक ऐसा मीटर है, जिससे बिजली चोरी के उद्देश्य से मीटर में की जाने वाली किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का तुरंत पता चल जाएगा।

इसके साथ ही विद्युत कर्मचारियों को रीडिंग लेने के लिए उपभोक्ता के घर तक नहीं जाना पड़ेगा। चूंकि यह मीटर इंटरनेट से जुड़ा होगा, जिससे मीटर की रीडिंग स्वचालित रूप से इंटरनेट के द्वारा बिजली कम्पनी को प्राप्त होती रहेगी। चूंकि पिछले काफी समय से जहां विद्युत मीटरों में छेड़छाड़ कर बिजली चोरी किए जाने के मामले व्यापक स्तर पर सामने आ रहे हैं वहीं मौके पर रीडिंग नहीं लेने की शिकायतें भी बहुत ज्यादा आ रही हैं, इसलिए बिलजी कम्पनी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने पर विचार कर रही है। प्रारंभ में प्रयोग के तौर पर चुनिंदा क्षेत्रों में ही स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। यह एक ऐसा मीटर है, जिससे स्वचालित तरीके से रीडिंग विद्युत कार्यालय में दर्ज हो होती रहेगी। इससे मीटर रीडरों द्वारा रीडिंग नहीं लेने की उपभोक्ताओं की शिकायत भी स्वत: दूर हो जाएगी।

अब तीव्र गति से ठीक होंगे फॉल्ट
ग्वालियर महानगर में विद्युत नेटवर्क काफी पुराना है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में लोगों ने विद्युत लाइनों से सटाकर मकान बना लिए हैं। कुछ क्षेत्र ऐसी भी हैं, जहां विद्युत लाइनें मकानों के ऊपर से गुजर रही हैं। ऐसे इलाकों में विद्युत लाइनों का संधारण नहीं हो पाता है। इसके अलावा पेड़ की डाली, होर्डिंग, बैनर विद्युत लाइन पर गिरने, गिलहरी, पक्षी, सांप आदि के बैठने के कारण फॉल्ट ज्यादा होते हैं, जिसे दुरुस्त करने में काफी समय लगता है। इससे शहरवासियों को कई घण्टों तक बिजली कटौती झेलना पड़ती है, लेकिन विद्युत अधिकारियों के अनुसार यह समस्या अब बहुत जल्द दूर हो जाएगी। इसके लिए 15 से 20 हजार उपभोक्ताओं के बीच एक ब्लॉक बनाया जाएगा। ऐसे प्रत्येक ब्लॉक में एक संधारण दल तैनात होगा, जिसे एक हाइड्रोलिक वाहन दिया जाएगा। इसी कड़ी में भोपाल में एक टोल फ्री फोन नम्बर शुरू किया गया है। इस नम्बर पर बिजली आपूर्ति बाधित होने संबंधी शिकायत मिलते ही संबंधित ब्लॉक के हाइड्रोलिक वाहन को सूचित किया जाएगा। सूचना मिलते ही उक्त ब्लॉक का दल हाइड्रोलिक वाहन के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति बहाल करेगा। विद्युत अधिकारियों के अनुसार ग्वालियर महानगर में यह योजना अगले दो से तीन माह में प्रारंभ हो जाएगी।

बजाज इलेक्ट्रीकल्स करेगी फीडरों का विभाजन
ज्योति कंट्रक्शन कम्पनी का ठेका समाप्त हो जाने के बाद लम्बे समय से ग्वालियर जिले में अवरुद्ध पड़ा विद्युत फीडरों के विभाजन का काम अब बजाज इलेक्ट्रीकल्स कम्पनी करेगी। यह कम्पनी अगले एक माह में काम शुरू कर देगी। यहां बता दें कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रदेश भर में ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि पम्प उपभोक्ताओं को प्रतिदिन 10 घण्टे और घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घण्टे बिजली आपूर्ति दी जाना है। इसके लिए कृषि पम्पों और घरेलू कनेक्शनों के विद्युत फीडर अलग-अलग किए जा रहे हैं। ग्वालियर जिले में इस काम का ठेका मुम्बई की ज्योति कंट्रक्शन कम्पनी को दिया गया था, जिसे यह काम जून 2014 तक पूरा करना था, लेकिन वह अपै्रल 2015 तक भी काम पूरा नहीं कर पाई थी। इस कारण उसका ठेका निरस्त कर दिया गया था। उसके स्थान पर इस काम का ठेका अब बजाज इलेक्ट्रीकल्स कम्पनी को दिया गया है।

अब पुलिस भी दर्ज करेगी बिजली चोरी के मामले
बिजली कम्पनी द्वारा आए दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद भी उपभोक्ताओं पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है, इसलिए अब पुलिस से भी बिजली चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के लिए कहा गया है। हालांकि पुलिस को बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज करने के अधिकार पहले से ही प्राप्त हैं, लेकिन पुलिस इस मामले में कतईं रुचि नहीं ले रही है। बताया गया है कि इस संबंध में भोपाल में बिजली कम्पनी के प्रबंध संचालक की पुलिस के उच्च अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है, जिसमें इस बात की सहमति बनी है कि अब पुलिस भी बिजली चोरी के प्रकरण पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी से दर्ज करेगी। प्रबंध संचालक ने स्थानीय विद्युत अधिकारियों को भी इस संबंध में स्थानीय पुलिस अधिकारियों से चर्चा करने और उनसे सतत् सम्पर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश भर में बढ़ती बिजली चोरी, मीटरों में की जा रही छेड़छाड़ और उपभोक्ताओं की ओर से आ रही रीडिंग नहीं लेने की शिकायतों के मद्देनजर बिजली कम्पनी अब स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने पर विचार कर रही है। प्रारंभ में प्रयोग के रूप में स्मार्ट मीटर चुनिंदा क्षेत्रों में ही लगाए जाएंगे।

विवेक पोरवाल
प्रबंध संचालक
म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी भोपाल

Updated : 2016-07-18T05:30:00+05:30
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