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भारत में सेकंड हैंड आई फोन नहीं बेच पायेगा एप्पल

भारत में सेकंड हैंड आई फोन नहीं बेच पायेगा एप्पल
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भारत में सेकंड हैंड आई फोन नहीं बेच पायेगा एप्पल

नई दिल्ली। भारत सरकार से एप्पल को तगड़ा झटका लगा है। एप्पल अब भारत में अपना सेकंड हैंड मोबाइल नहीं बेच पाएगी। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने कहा है कि वह एप्पल के सेकंड हैंड आई फोन भारत में आयात करने के पक्ष में नहीं है। इस ताज़ा रुख के बाद एप्पल के भारत में रिटेल स्टोर खोलने की योजना मुश्किल में नजर आ रही है।

उल्लेखनीय है कि एप्पल ने भारत में अपने सेकंड हैंड आईफोन को बेचने की योजना बनाई थी, लेकिन इस पर भारत सरकार ने अपनी सहमति नहीं दी। कंपनी अपने पुराने आईफोन को रीफर्बिश करके (इस्तेमाल किए हुए मोबाइल को नया बनाकर) अमेरिका सहित कई देशों में बेचती है जिनकी कीमत -नए फोन की तुलना में काफी कम होती है।

एप्पल के लिए भारत में सिंगल ब्रांड रिटेल स्टोर खोलने पर भी भारत में सहमति नहीं बन पा रही है। क्योंकि एप्पल को लोकल प्रोडक्ट्स की खरीद के मामले में फाइनेंस मिनिस्ट्री और कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री एकमत नहीं हैं। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री एप्पल को लोकल प्रोडक्ट्स खरीदने पर छूट देने को राजी है, लेकिन फाइनेंस मिनिस्ट्री नहीं। हालाँकि कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर निर्मला सीतारमन ने कहा है कि लोकल प्रोडक्ट्स की खरीद पर छूट देने के मामले में विचार चल रहा है, हम जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे।

गौरतलब है कि रीफर्बिश आईफोन वे मोबाइल होते हैं, जिन्हें यूजर्स किसी वजह से लौटा देते हैं या फिर डैमेज की स्थिति में कंपनियां वापस लेती हैं। इसके बाद कंपनी फोन की बॉडी कवर को बदलकर नए जैसा बना देती है। इस प्रोसेस में कई बार खराब पार्ट्स को भी बदला जाता है। भारत सरकार ने पहले भी कहा था कि ऐसे बिजनेस से देश में ई-कचरा बढ़ेगा, जिसे आसानी से रिसाइकल नहीं किया जा सकता।

उल्लेखनीय है कि एप्पल के सीईओ टिम कुक हाल ही में भारत का दौरा भी कर चुके हैं। वह स्मार्टफोन के दूसरे सबसे बड़े मार्केट इंडिया के जरिए आईफोन की ब्रिक्री को फिर से रफ्तार देना चाहते हैं। भारत दौरे पर उन्होंने यहां मैन्युफैक्चरिंग की संभावनाओं पर भी बात की थी। यहां रिटेल स्टाेर खोलने का प्रपोजल रखा था। अभी एप्पल का भारत में मार्केट शेयर सिर्फ 2 फीसदी हैं।

Updated : 2016-05-30T05:30:00+05:30
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