Home > Archived > रक्षा क्षेत्र में उभरतीं भारत की उपलब्धियां

रक्षा क्षेत्र में उभरतीं भारत की उपलब्धियां

रक्षा क्षेत्र में उभरतीं  भारत की उपलब्धियां
X

रक्षा क्षेत्र में उभरतीं भारत की उपलब्धियां


मोदी सरकार के दो साल पूर्ण होते ही मोदी सरकार की उपलब्धियों की समीक्षा की जा रही है बाहरहाल लोगों के मत भी अलग अलग है यद्दपि बात अगर रक्षा मामले की हो तो रक्षा मामलों के विशेषज्ञ भी मोदी सरकार से न सिर्फ संतुष्ट दिखाई पड़ रहे हैं अपितु सरकार द्वारा स्वीकृत किये गये कई रक्षा सौदों को भी सराहनीय बताया जा रहा है, मोदी सरकार के कई अहम रक्षा सौदों को इसलिए भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है क्योकि जानकारों की मानें तो एक लम्बे अंतराल से देश की रक्षा इकाई हथियारों के सूखे से गुजर रही थी वहीं एनडीए के रक्षा बजट में पचास प्रतिशत एफडीआई ने भी देश की रक्षा इकाई में एक सकारात्मकता का बिगुल फूंक दिया, यूपीए कार्यकाल के दौरान भारतीय सेना का मनोबल लगातार गिरता जा रहा था वहीं मोदी सरकार के रक्षा क्षेत्र में “मेक इन इंडिया’’ स्कीम का भी खासा सकारात्मक प्रभाव पड़ा है भारत के स्वदेशी एन्टीसेप्टर मिसाइल और सफल परमाणु परीक्षणों से भारत के प्रति नापाक मंसूबे रखने वाले देशों में खासी चिंता है.

जानें... भारत को प्राप्त होने वाले रक्षा उपकरणों के बारें में

राफेल लड़ाकू विमान


हाल ही में चर्चित यह विमान भारत सरकार फ्रांस से खरीद रही है जिस पर इसे भारत में ही निर्माण करने के सशर्त अनुबंध पर भारत सरकार ने इस रक्षा सौदे को स्वीकृति प्रदान की है , ऊँचे व पहाड़ी इलाकों में लड़ने में माहिर राफेल एक मिनिट में 60,000 फुट की ऊंचाई तक जा सकता है, यह लड़ाकू विमान 24,500 किलोग्राम के अधिकतम भार को उठाकर उड़ान भर सकता है, इसकी इंधन क्षमता 4700 किलोग्राम है, 2200 से 2500 तक किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से यह विमान 3700 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है, इस लड़ाकू विमान में 1.30 एम.एम की गन लगी होती है जो एक बार में 125 राउंड गोलियां फायर कर सकती है, इसके अलावा इसमें एमबीडीए-एमआईसीए , एमबीडीए-मेटेओर , एमबीडीए-अपाचे , स्टॉर्मशैडो-एससीएएलपी जैसी घातक मिसाइलें लगीं रहती हैं इसमें थाले आरबीई-2 रडार और थाले स्पेक्ट्रा वारफेयर सिस्टम लगा होता है, साथ ही इसमें ऑप्ट्रोनिक सेक्योर फ्रन्टल इन्फ्रा-रेड सर्च और ट्रैक सिस्टम भी लगा है, ज्ञात हो की राफेल लड़ाकू विमान परमाणु हथियार दागने में भी सक्षम है


एस-400 ट्रम्फ


रूस निर्मित इस हथियार को भारत को रक्षा सौदे से प्राप्त होने वाले सबसे अहम हथियार के रूप में देखा जा रहा है, एस 400 ट्रम्फ एक विमान भेदी हथियार प्रणाली है, इसमें खास तरह का कमांड सिस्टम होता है, वहीं ऑब्जेक्ट को टारगेट करने के लिए इसमें कई रडार यूनिट हैं, इस एयर डिफेन्स सिस्टम में 12 लांचर होते हैं जो अलग अलग क्षमता वाली चार मिसाइलों से लैस रहते हैं, इन लांचर्स के जरिये तीन सेकंड के अन्दर दो मिसाइलें खड़ी दागी जा सकतीं हैं इसकी अधिकतम टारगेट गति 4.8 किलोमीटर प्रति सेकंड है, यह प्रणाली 600 किलोमीटर की दूरी से लक्ष्य का पता लगा लेती है साथ ही इसमें एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की अधबुत क्षमता है, यह प्रणाली सामरिक हवाई हमलावर , इलेक्ट्रॉनिक युद्ध हवाई जाहज, टोही हवाईजाहज, प्रारंभिक चेतावनी रडार वाले हवाईजाहज, टामहॉक जैसी सामरिक क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल, फाइटर जेट, स्टील्थ प्लेन, मिसाइल और ड्रोन को मार गिराने की क्षमता रखती है, सिस्टम में मौजूद सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें 120 से 400 किलोमीटर की रेंज में किसी भी टारगेट को आसानी से मार गिराने में सक्षम हैं ज्ञात हो की भारत को मिलने वाली इस रक्षा प्रणाली से सबसे ज्यादा चिंता चीन और पाकिस्तान को है

एम 777 होवित्ज़र तोप

अमरीका द्वारा निर्मित यह तोप कारगिल युद्ध के वक्त इस्तेमाल में लायी गई बोफोर्स तोप से भी ज्यादा शक्तिशाली है जिसके सौदे को भारत और अमरीका की तरफ से अंतिम रूप दे दिया गया है, एम-777 होवित्जर 155 एमएम की विध्वंसक तोप है, इसकी फायर दागने की गति 2 राउंड से 5 राउंड प्रति मिनट है, बोफोर्स की तुलना में एम777 की मारक क्षमता 13 किलोमीटर ज्यादा है, बोफोर्स के मुकाबले यह तोप पूरी तरह आटोमेटिक है, इसमें लगे सेंसर और रेडार पहाड़ों के पीछे छिपे दुश्मनों को ढूंडकर गोले बरसाने की अद्भुत क्षमता रखते हैं


बराक 8 मिसाइल

इस मिसाइल प्रणाली का विकास संयुक्त रूप से आईएआई, डीआरडीओ, और इस्राइल के एडमिनिस्ट्रेशन फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ वेपन्स एंड टेक्नोलौजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, एल्टा सिस्टम, राफेल और अन्य संस्थानों ने किया है, यह मिसाइल छोटे एयरक्राफ्ट, हेलीकाप्टर और ड्रोन के लिए घातक है, इसमें अत्याधुनिक मल्टी मिशन रडार, और एक आसान कमांड एंड कण्ट्रोल सिस्टम है, दिन रात और सभी तरह के मौसमों में एक साथ कई लक्ष्य को भेदने की क्षमता इस मिसाइल को और भी खास बनाती है , भारत-इस्राइल को इसके अरबों डॉलर के सौदे के प्राप्त होने की उम्मीद है , इसका निशाना अचूक है जो 70 से 500 किलोमीटर के दायरे में किसी भी निशाने को भेद सकता है साथ ही इसमें 250 किलोमीटर के दायरे में सेकड़ों लक्ष्यों की निगरानी करने वाला रडार उपकरण भी है , भारतीय नौसेना के भावी युद्ध पोत इस मिसाइल से लेस होंगे , वर्तमान में भारतीय युद्धपोत आईएनएस कोलकाता इस मिसाइल से लैस है.



Updated : 26 May 2016 12:00 AM GMT
Next Story
Share it
Top