Latest News
Home > Archived > भाराछासं ने लगाए गड़बड़ी के आरोप

भाराछासं ने लगाए गड़बड़ी के आरोप

मामला जीवाजी विश्वविद्यालय के नर्सिंग परीक्षा परिणाम का

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा विगत दिवस घोषित किया गया नर्सिंग का परीक्षा परिणाम जहां सिर्फ 30 प्रतिशत ही रहा था वहीं बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत पहुंचा दिया गया है, जिसके चलते गुरुवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला से भाराछासं कार्यकर्ता सरफराज खान ने कहा कि अभी तक नर्सिंग का परीक्षा परिणाम लगभग 30 प्रतिशत रहा, लेकिन बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष में 90 प्रतिशत छात्र-छात्राएं पास कर दिए गए। इससे स्पष्ट हो चुका है कि अधिकारियों की संठगांठ से परिणाम में गड़बड़ी की गई है, इसलिए तत्काल परीक्षा परिणाम की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। इस पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने आश्वासन देते हुए कहा कि हम नर्सिंग के परीक्षा परिणाम की जांच कराएंगे और अगर नम्बर परिवर्तित हुए तो पुन: मूल्यांकन कराया जाएगा।

भूख हड़ताल आज से
बीएससी नर्सिंग द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के परीक्षा परिणाम का पुन: मूल्यांकन कराने की मांग को लेकर नर्सिंग छात्र संगठन के नेता विष्णु पाण्डे एवं भूपेन्द्र सिंह गुर्जर ने आज रजिस्ट्रार प्रो. आनंद मिश्र से प्रशासनिक भवन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की अनुमति मांगी, लेकिन उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर के बाहर का भूख हड़ताल करने का आदेश दिया। इसके बाद छात्र नेता प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर भूख हड़ताल की चेतावनी देकर चले गए।

छात्रा ने कंसाना पर लगाए गंभीर आरोप

सोफिया महाविद्यालय की छात्रा पारुल चौधरी ने महलगांव निवासी भूपेन्द्र कंसाना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2013 में प्रवेश के बाद ही भूपेन्द्र ने रास्ते में रोकना शुरू कर दिया और कई दोस्तों के साथ छींटाकसी करने लगा। इसके बाद झूठी शिकायत कर उसने बीएचएमएस प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम निरस्त करा दिया। इसको लेकर पारुल द्वारा विश्वविद्यालय थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचे अभाविप व भाराछासं के कार्यकर्ता
बीएचएमएस चार्ट में हेराफेरी कर नम्बर बढ़ाने वाले शिक्षक चक्रपाणी चतुर्वेदी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर अ.भा. विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला और रजिस्ट्रार डॉ. आनंद मिश्रा से मिलने पहुंचे और कहा कि चक्रपाणी चतुर्वेदी ने पहले भी करेक्शन करके नम्बर बढ़ाए थे, परन्तु विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें बिना कार्रवाई के छोड़ दिया, लेकिन अब तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई जाए, जिससे विश्वविद्यालय से भ्रष्टाचार मिटाया जा सके। इसके अलावा भाराछासं के जिलाध्यक्ष जीतू राजौरिया व भूपेन्द्र कंसाना ने भी कुलपति से मुलाकात कर कहा कि फर्जीवाड़े में घिरे छात्र-छात्राओं पर तत्काल मुकदमा दर्ज कराया जाए, ताकि इस पूरे रैकेट का खुलास हो सके। इसके साथ ही संबंधित शिक्षक और कर्मचारियों पर कार्रवाई होना चाहिए।

Updated : 2016-05-20T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top