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सोनचिरैया को देखने भटपुरा में लगाए कैमरे

सोनचिरैया को देखने भटपुरा में लगाए कैमरे

ग्वालियर। सोनचिरैया अभयारण्य घाटीगांव में भले ही कई वर्षों से एक भी सोनचिरैया नजर नहीं आई हो, लेकिन वन विभाग ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। इसी उम्मीद के साथ सोनचिरैया को आकर्षित करने की दृष्टि से भटपुरा के जंगल में विकसित किए गए चारगाह में हाल ही में दो कैमरे ट्रेप लगाए गए हैं। यह वही स्थान है, जहां कभी सोनचिरैया बहुतायत में थीं। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैमरा टे्रप लगाने का उद्देश्य अभयारण्य में विचरण करने वाले वन्यजीवों की पहचान करना है।

जानकारी के अनुसार अभयारण्य के गेमरेंज तिघरा के अंतर्गत भटपुरा, देवखो और नलकेश्वर क्षेत्र में एक दशक पूर्व तक सोनचिरैया काफी संख्या में थीं, लेकिन पिछले करीब एक दशक से इस अभयारण्य से सोनचिरैया विलुप्त हो चुकी है, इसलिए वन विभाग द्वारा उक्त तीनों स्थानों पर सोनचिरैया के अनुरूप प्राकृतिक रहवास और वातावरण निर्मित करने के लिए चारागाह विकास (घास के मैदान) तैयार किए जा रहे हैं। भटपुरा के जंगल में तो यह काम लगभग पूरा भी हो चुका है। अब विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि भटपुरा में सोनचिरैया आ सकती है। इसी दृष्टि से हाल ही में यहां दो कैमरा ट्रेप लगा दिए गए हैं।

हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभयारण्य में विचरण करने वाले विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों की पहचान करने के उद्देश्य से कैमरा ट्रेप लगाए जा रहे हैं। इसके लिए भोपाल मुख्यालय से करीब 16 कैमरे भेजे गए हैं। इनमें से 10 कैमरे गेमरेंज तिघरा और छह कैमरे गेमरेंज घाटीगांव में लगाए जाएंगे। अभयारण्य प्रबंधन के अनुसार सोनचिरैया को आकर्षित करने की दृष्टि से विकसित किए गए चारागाह भटपुरा में दो कैमरे लगा दिए गए हैं, जबकि आगामी दिनों में देवखो और नलकेश्वर सहित विशेष रूप से उन स्थानों पर कैमरे टे्रप लगाए जाएंगे, जहां वन्यजीवों की संख्या अधिक है। विभागीय अधिकारियों के अुनसार अभयारण्य में तेन्दुआ, भालू, हाइना, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, भेडिय़ा, लंगूर, बंदर, हिरण सहित अन्य प्रजातियों के वन्यप्राणी मौजूद हैं।

Updated : 2016-05-17T05:30:00+05:30
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