Top
Home > Archived > अभी तक नहीं बने विकलांगों के स्मार्ट कार्ड

अभी तक नहीं बने विकलांगों के स्मार्ट कार्ड

विकलांगो के नहीं हो रहे ऑनलाइन आरक्षण

ग्वालियर। रेलवे ने अब विकलांगों के लिए स्मार्ट कार्ड बनाना शुरू कर दिया है, मगर सत्यापन कार्य धीमा होने से कार्ड बनने में अधिक समय लग रहा है। इससे पात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे द्वारा विकलांग, मूक-बधिर मानसिक रूप से विकृत नेत्रहीन व्यक्तियों रोगियों व उनके केयर टेकर एक व्यक्ति को किराए में पचास प्रतिशत की रियायत देता है। इसके लिए पचास प्रतिशत या इससे अधिक विकलांगता आवश्यक है। अस्पतालों से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों के आधार पर अभी लाभार्थियों को आरक्षित व अनारक्षित टिकट में रियायत दी जाती थी, मगर अब रेलवे ने लाभार्थियों को विकलांग पहचान पत्र स्मार्ट कार्ड जारी करना शुरू कर दिया है। इस कार्ड में दर्ज नम्बर के आधार पर ही टिकट बन सकेगा। स्मार्ट कार्ड पाने के लिए शहर के विकलांग आवेदन कर चुके हैं, मगर रेलवे अभी तक आधा सैकड़ा पात्रों को ही स्मार्ट कार्ड बनाकर दे सका है। बाकी के लोगों को बार-बार झांसी मण्डल के चक्कर लगाने पड़ रहे हंै, जिसके चलते उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्वालियर रेलवे आरक्षण कार्यालय पर आए दिन विकलांगों के टिकट नहीं बनने के कारण झगडे की नौबत आती है। आरक्षण कार्यालय में बैठे बाबू विकलांगों से यह बोलते है कि स्मार्ट कार्ड लाओं या फिर ऑनलाइन बुकिंग कराओं।

कई बार आवेदन के बाद भी नहीं बना स्मार्ट कार्ड
एक आवेदक द्वारा स्मार्ट कार्ड के लिए कई बार आवेदन किया गया, लेकिन आज तक उस व्यक्ति का स्मार्ट कार्ड नहीं बन सका, जबकि ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर जब विकलांग आरक्षण कार्यालय में आरक्षण के लिए जाता है तो उसे यह कहकर लौटा दिया जाता है कि ऑनलाइन कराओं या स्मार्ट कार्ड लाओं। वहीं विकलांगों द्वारा समय व पैसा झांसी जाकर खर्च करने के बाद भी अभी तक स्मार्ट कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। रोज विकलांग झांसी जाकर परेशान हो रहे हैं, लेकिन रेलवे विभाग के कर्मचारी उन्हें बहानेबाजी कर भगा देते हैं। इससे विकलांग व उनके परिजन बेहद परेशान हैं। रेलवे अधिकारी भी इस बाबत कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पा रहे हैं कि स्मार्ट कार्ड किए जाएंगे।

रेल मंत्री तक से की जा चुकी है शिकायत
स्मार्ट कार्ड को लेकर शहर के कई विकलांग लोगों ने इस मामले की शिकायत रेल मंत्री सुरेश प्रभु से की है, लेकिन उसके बाद भी इन विकलांगों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

Updated : 2016-05-14T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top