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कत्थक ने मोहा मन, तो खास रही तबले की थाप

कत्थक ने मोहा मन, तो खास रही तबले की थाप

कत्थक ने मोहा मन, तो खास रही तबले की थाप

*सरोद व सितार के तारों की जुगलबंदी ने बांधा समां
*कत्थक के नाम रहा नवसंवत्सर का विदाई समारोह
*संगीत की स्वरलहरियों से सराबोर हुआ जलविहार
*मन्मथ नाम संवत्सर विदाई समारोह का आयोजन

ग्वालियर। जलबिहार के तैरते सतरंगी रंगमंच पर पारम्परिक गीत एवं शास्त्रीय संगीत की स्वरलहरियों ने गुरूवार को ऐसा समां बाधा कि श्रोतागण संगीत की गहराईयों में खो गए। अवसर था नगर निगम द्वारा आयोजित मन्मथ नाम सवंत्सर विदाई महोत्सव का। कार्यक्रम में कलाकारों ने सितार व सरोद की ऐसी जुगलबंदी बनाई की श्रोता झूमते रहे।


कार्यक्रम की शुरूआत में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विवि के छात्रों ने ध्येय गीत प्रस्तुति दी। जिसके बोल थे, साध मति संस्कार भारती। कार्यक्रम में अर्पणा देवधर और अबोली सुलाखे ने सरोद व सितार वादन की प्रस्तुति के लिए राग यमन को चुना। इस राग में उन्होंने शानदार जुगलबंदी पेश करते हुए तीन ताल से शुरुआत की। इसके बाद दोनों ने इसी राग में एक ताल में जुगलबंदी प्रस्तुत की। प्रस्तुति का समापन उन्होंने मीरा बाई के भजन पायोजी मैंने राम रतन धन पायो..., से किया।


कार्यक्रम में सही मायनो में जिस भी शाम प्रसिद्ध नृत्यांगना सुचित्रा हरमलकर की शानदार प्रस्तुति के नाम रही। उन्होंने कत्थक नृत्य की शुरूआत श्रीराम वंदना से की। इसके बाद हरमलकर ने कृष्ण पर आधारित मधुराष्ट्रक कृष्ण लीला की प्रस्तुति दी। उन्होंने शानदार होली चतुरंग के गीत श्चलो रे सखी बृज संग खेलन रे होली..., का साथी कलाकारो के साथ बृज की होली का नृत्य के माध्यम से सजीव चित्र प्रस्तुत किया। युवा नृत्यांगनाओं ने श्रीराम की माताओं के वात्सल्य को भावपूर्ण अभिनय पेश किया। अंतिम रचना जिसमें ब्रज की होली का वर्णन था। इससे पूर्व बनारस घराने के तबला वादक पं. कुमारलाल ने तीन ताल में गत और लयकारी पेश की।

यह रहे उपस्थित
नव सवंत्सर की पूर्व संध्या पर मन्मथ नाम सवंत्सर विदाई महोत्सव का आयोजन जलबिहार परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथिगणों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस मौके पर महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, गंगा दास की बड़ी शाला के महंत रामसेवकदास महाराज, कुलपति स्वतंत्र शर्मा, संस्कार भारती के मुरारीलाल महेश्वरी, एमआईसी केशव सिंह, नीलिमा शिंदे, पार्षद वंदना अजय अरोरा, अपर आयुक्त डॉ. एम.एल दौलतानी, अभय राजनगांवकर, अतुल अधोलिया सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कविताओं से किया आत्मविभोर
कार्यक्रम में महिला काव्य गोष्ठी मंजिरी का आयोजन किया गया, जिसमें शहर की महिला कवियत्री सत्या शुक्ला,प्रतिभा द्विवेदी, सुनीता पाठक, रेखा भदौरिया, सुमन कोमल, आशा पाण्डे ने काव्य पाठ किया तथा नव सवंत्सर की कविताओं से श्रोताओं को आत्मविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन कवियत्री सुनीति वेश्य ने किया।

पायलिया झंकार मोरी...
कार्यक्रम में राजा मान सिंह विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा संगीत सरिता की प्रस्तुति दी गई। जिसमें उन्होंने राग पुरिया धनाश्री, झपताल में तेरे दास की लालसा करन अब...की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर किया। उन्होंने दु्रत लय में पायलियां झंकार की प्रस्तुति दी।
भगवान भास्कर को अघ्र्य देकर करेगें सौम्यनाम नवसंवत्सर का स्वागत
नव सवंत्सर स्वागत कार्यक्रम 8 अप्रैल शुक्रवार को प्रात: 4.40 बजे संकीर्तन यात्रा से प्रारंभ होगा। प्रात: 4.58 बजे गीत (ज्योति कलश छलके), 5.01 पर दीप प्रज्जवलन, 5.03 बजे ध्येय गीत, 5.10 पर प्रार्थना जैन वाणी, वैदिक ऋ चाएं, 5.20 पर संकल्प गीत, 5.30 पर बांसुरी वादन पंडित चेतन जोशी नई दिल्ली, 5.55 बजे वैदिक मन्त्रोच्चार, 6.00 बजे भगवान भुवन भास्कर को अघ्र्यदान उपस्थित शहरवासियों द्वारा किया जाएगा।

शहर में नवसंवत्सर पर यहां होंगे कार्यक्रम
प्रात: 5 बजे पार्षद सतीश सिकरवार के मुख्य आतिथ्य में कटोराताल पर सूर्य को सामूहिक अघ्र्य देकर नववर्ष का स्वागत किया जाएगा।
प्रात: सेवा का स्थापना दिवस एवं नवसंवत्सर का आयोजन शाम 4.30 बजे थाटीपुर स्थित भगवती गार्डन में किया जाएगा।
मध्य भारतीय हिन्दी साहित्य सभा द्वारा नववर्ष के अवसर पर साहित्यकार मिलन समारोह का आयोजन दौलतगंज स्थित साहित्य सभा भवन में 5:30 बजे।

Updated : 2016-04-08T05:30:00+05:30
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